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Dombivli में निम्नस्तरीय स्वास्थ सुविधा, पूर्व विधायक की तड़प तड़प कर मौत, और जनप्रतिनिधि बेपरवाह

डोंबिवली में आम नागरिकों के लिए निम्न स्तरीय आरोग्य सुविधा उपलब्ध है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जहां नागरिकों को बेहतर से बेहतर आरोग्य सुविधा देने के प्रयास के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर रही है।

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वही कल्याण डोंबिवली के जनप्रतिनिधि साजिश के तहत आम नागरिकों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को खत्म कर निजी हाथों मैं देने की योजना पर दिन रात काम कर रहे हैं।

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कल शुक्रवार को कार्डियक एम्बुलेंस के अचानक खराब हो जाने के कारण शिवसेना के पूर्व विधायक सूर्यकांत देसाई के दुखद निधन की घटना सामने आई है। मामला पूर्व विधायक k तो यह सार्वजनिक हो गई नहीं तो सस्ता और उचित आरोग्य व्यवस्था नहीं होने के कारण हजारों कल्याण डोंबिवली के नागरिको को क्या-क्या तकलीफ उठानी पड़ रही है यह समझा जा सकता है।पूर्व शिवसेना विधायक की मौत पर ना तो स्थानीय जनप्रतिनिधि महत्त्व दे रहे है ना ही प्रशासन इस घटना की गंभीरता से ले रहा है।

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मुंबई के परेल क्षेत्र से वर्ष 1995 में शिवसेना की तरफ से विधायक रहे सूर्यकांत देसाई डोंबिवली में आकर रह रहे थे उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे डोंबिवली के प्रसिद्ध कारवां हॉस्पिटल में भर्ती थे। शुक्रवार सुबह उनको सांस लेने में दिक्कत होने लगी और इस अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी मरीज की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत उन्हें वेंटिलेटर सुविधा वाले अस्पताल में ले जाने की हिदायत दी।

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और पूर्व विधायक देसाई के परिजनों ने उन्हें यथाशीघ्र डोंबिवली एमआईडीसी स्थित ममता हॉस्पिटल में स्विफ्ट करने के लिए कार्डियक सुविधा से युक्त एंबुलेंस मंगवाया। लेकिन उक्त कार्डियक एंबुलेंस में मरीज को रखकर ममता हॉस्पिटल ले जाने के दौरान ही यह एंबुलेंस खराब हो गई। परिजनों ने हाथ पांव मार कर यथाशीघ्र दूसरा कार्डियक एम्बुलेंस मंगवाया।

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इधर हालत बिगड़ता देख परिजनों ने उस खराब एंबुलेंस को धक्का देकर 1 किलोमीटर आगे (कारवां हॉस्पिटल से पथरली मंजूनाथ विद्यालय) तक ले गए फिर दूसरा प्राइवेट एंबुलेंस आया, उसमें मरीज को स्विफ्ट कर ममता हॉस्पिटल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही मरीज के मौत हो जाने की जानकारी दी।

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पांच लाख से अधिक आबादी वाले कल्याण डोंबिवली क्षेत्र में कोई भी सर्व सुविधा युक्त सरकारी अस्पताल नहीं है, खानापूर्ति के नाम पर कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका द्वारा कल्याण का रुकमणी बाई और डोंबिवली का शास्त्री नगर अस्पताल है।

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यहां सिर्फ प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है मामला गंभीर होने पर इन अस्पतालों के डॉक्टर मरीजों के परिजनों को अन्य निजी अस्पताल या फिर मुंबई के सरकारी अस्पतालों में जाने की हिदायत देकर अपना जान छूडा लेते हैं।

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स्थानीय नागरिक रोज अपने आरोग्य संबंधी समस्याओं से लड़ रहे हैं लेकिन इसी निम्नस्तरीय आरोग्य सुविधा ने एक पूर्व विधायक की जान ली है यह यहां के जनप्रतिनिधियों के लिए सबक देने जैसी घटना है।

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