टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग और मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर पनपता फर्जी ‘सिंडिकेट’
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग और मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर पनपता फर्जी ‘सिंडिकेट’
मुंबई और आसपास के इलाकों में अपराध का ग्राफ एक बार फिर उस खतरनाक दौर की याद दिला रहा है, जहां फिल्मी हस्तियां और बड़े कारोबारी सीधे तौर पर गैंगस्टर्स के निशाने पर हैं। एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और अभिनेता सलमान खान के आवास पर हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ मुंबई व इसके आसपास इस कदर बढ़ गया है कि अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का खुलकर फायदा उठा रहे हैं। हाल ही में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग और उसके बाद सोशल मीडिया पर सामने आए दावों ने इस खौफ को एक नए और भयावह स्तर पर पहुंचा दिया है।
टाइगर श्रॉफ पर हमला और सोशल मीडिया का ‘सनसनीखेज’ दावा
फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुई फायरिंग के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अनिल पंडित के नाम से एक पोस्ट और ऑडियो सामने आया। इसमें गोलीबारी की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि वे अभिनेता सलमान खान के साथ काम न करें, और इसी आदेश की अनदेखी करने पर उन पर यह हमला किया गया।
इस वायरल पोस्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि इसमें यह भी चेतावनी दी गई कि जो लोग लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर रहे हैं, उन फर्जी गैंग्स को भी जल्द ही ठिकाने लगाकर ‘फेमस’ किया जाएगा।
यह बयान इस बात का साफ प्रमाण है कि अब अंडरवर्ल्ड के नाम पर समानांतर वसूली और धौंस जमाने वाले छोटे अपराधियों और असली गैंग्स के बीच भी टकराव की स्थिति पैदा हो रही है।
सितारों से लेकर कारोबारियों तक फैला रंगदारी का जाल
यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि मुंबई और इसके आस-पास के इलाकों में आम कारोबारियों का जीना भी मुहाल हो चुका है:
* बिल्डर्स और जूलर्स बने निशाना: ठाणे के एक नामचीन बिल्डर को फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल कर बिश्नोई गैंग के नाम पर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। वहीं विलेपार्ले और बोरिवली के सर्राफा कारोबारियों (जूलर्स) को भी लाखों की धमकी दी गई। लेकिन पुलिसिया जांच में इन मामलों में विश्नोई गैंग का कोई संबंध नहीं दिखा।
* अपनों की गद्दारी और ‘बहती गंगा में हाथ धोना‘: इन मामलों में पुलिस जांच में निरंतर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सांताक्रुज के एक जूलर को जब दुकान बंद कराने की धमकी मिली, तो जांच में सामने आया कि यह किसी अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर का काम नहीं, बल्कि वेतन न मिलने से नाराज उसके अपने ही नौकर ने बदला लेने के लिए गैंग के नाम का इस्तेमाल किया था। इसी तरह मालाड के कैटरिंग और होटल कारोबारियों को भी विदेशी नंबरों से डराकर पैसे ऐंठे गए। जिसमें विश्नोई गैंग के तार कही से भी जुड़ते नहीं दिखे।
पुलिस की चेतावनी
विशेषज्ञों और मुंबई पुलिस का स्पष्ट कहना है कि हर वह शख्स जो लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर धमकी दे रहा है, उसका उस गिरोह से सीधा ताल्लुक होना जरूरी नहीं है।
कई स्थानीय गुंडे, छोटे अपराधी और पीड़ित के अपने परिचित ‘बहती गंगा में हाथ धोने’ के लिए इस खौफ का इस्तेमाल कर रहे हैं। और मामला विश्नोई गैंग का हो या कोई लोकल अपराधी का हो। पुलिस में शिकायत ही एकमात्र कारगर उपाय हैं।
टाइगर श्रॉफ पर हुआ हमला और कारोबारियों को मिल रही धमकियां यह साबित करती हैं कि मुंबई में सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक तरफ असली गैंगस्टर्स और उनके शूटर्स से निपटना, तो दूसरी तरफ गैंग के नाम पर पनप रहे इस फर्जी ‘रंगदारी सिंडिकेट’ और सोशल मीडिया प्रोपेगैंडा की जड़ तक पहुंचना।
पुलिस ने कारोबारियों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी धमकी से डरने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें।

