कल्याण में १७ वर्षीय छात्रा का अपहरण; कल्याण-डोंबिवली में अपहृतों का सिलसिला जारी, पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल
कल्याण:
कल्याण पश्चिम के बेतुरकरपाडा इलाके से अपनी दादी के लिए दवा लेने गई १७ वर्षीय कॉलेज छात्रा के रहस्यमय ढंग से लापता होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है और कल्याण-डोंबिवली इलाके में बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर बेहद गंभीर हो गया है। पुलिस की गश्त और अपराध नियंत्रण के दावों पर नागरिकों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया है।
दादी के लिए दवा लेने निकली और लापता हो गई:
मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार मूल रूप से मुरबाड तहसील के किसळ गांव का रहने वाला है और फिलहाल कल्याण पश्चिम के शिशु विकास स्कूल के पास बेतुरकरपाडा स्थित भोईर चाल में रहता है। पांच दिन पहले लड़की के माता-पिता अपने मूल गांव गए थे। घर पर दो बेटियां और उनकी दादी थीं। बिड़ला कॉलेज में १२वीं आर्ट्स में पढ़ने वाली १७ वर्षीय लड़की सुबह करीब ११ बजे अपनी दादी के लिए दवा लाने की बात कहकर घर से निकली थी।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटी, तो उसकी बहन ने इलाके में तलाश शुरू की। उसके पिता ने मुरबाड से उसके फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल लगातार व्यस्त आ रहा था। रिश्तेदारों और सहेलियों से पूछताछ के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो आखिरकार परिजनों ने बाजारपेठ पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल मामले की आगे की जांच कर रही है।
हर हफ्ते दो अपहरण; क्या सुस्त पड़ गई है पुलिस व्यवस्था?
कल्याण-डोंबिवली इलाके में बच्चों और नाबालिग लड़कियों के अपहरण के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले एक साल में इस इलाके से ५० से अधिक बच्चों का अपहरण हो चुका है। कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र में हर हफ्ते औसतन दो नाबालिग बच्चों का अपहरण हो रहा है, जिनमें नाबालिग लड़कियों की संख्या सबसे अधिक है।
विशेष रूप से कल्याण पूर्व के पिसवली, खडेगोळवली और दावड़ी इलाकों से छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था अप्रभावी साबित हो रही है, जिससे अपहरणकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं।
लड़कियों को भगाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की आशंका:
संदेह जताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से कल्याण-डोंबिवली इलाके में नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने वाला एक गिरोह सक्रिय है। पिछले महीने पुलिस ने ऐसे अपराधों में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। हालांकि, पुलिस की इस मामूली कार्रवाई के बाद भी अपहरण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अब अभिभावकों की मांग है कि जांच एजेंसियां और पुलिस प्रशासन इन सभी घटनाओं को गंभीरता से ले, तुरंत ठोस कदम उठाए, रात की गश्त बढ़ाए और अपहरणकर्ताओं के पूरे गिरोह का पर्दाफाश करे।

