Monday, September 21, 2026
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अधूरी जानकारी के आधार पर नरेंद्र पवार के व्यक्तित्व पर तुरंत कोई निष्कर्ष निकालना अनुचित

अधूरी जानकारी के आधार पर नरेंद्र पवार के व्यक्तित्व पर तुरंत कोई निष्कर्ष निकालना अनुचित

राजेश सिन्हा 

पिछले दो दिनों से कल्याण में नरेंद्र पवार और उनके एक सहयोगी के खिलाफ एक महिला द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराकर FIR दर्ज कराने की जानकारी सोशल मीडिया, फोन और मैसेज के जरिए हमसब तक पहुंच रही है। इसलिए हम सभी के मन में इस घटना को लेकर भ्रम, सवाल और आशंकाएं पैदा होना स्वाभाविक है।

नरेंद्र पवार को मैं सालों से जानता हूं। मेरे साथ मेरे पूर्व परिचित संजय पाचपोर, शिवाजी दहीभावकर, संजय जोशी, प्रवीण घुगे, अमोल जोशी, प्रशांत पेशकार, श्रीरंग कुलकर्णी समेत हम कई लोगों की नरेंद्र से पिछले 35 सालों से पहचान और दोस्ती है। इसलिए मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि सोशल मीडिया पर चल रही अधूरी जानकारी या चर्चाओं के आधार पर नरेंद्र के व्यक्तित्व के बारे में तुरंत कोई निष्कर्ष निकालना अनुचित है।

नरेंद्र पवार पिछले करीब 25 सालों से सक्रिय राजनीति में काम कर रहे हैं। कल्याण शहर में कार्यकर्ता, नगरसेवक, उपमहापौर और विधायक जैसी विभिन्न जिम्मेदारियां उन्होंने जिम्मेदारी पूर्वक संभाली हैं। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के भटके-विमुक्त प्रकोष्ठ के महाराष्ट्र प्रमुख के रूप में भी उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाई है।

लोगों से लगातार संपर्क, आत्मीयता से उनकी समस्याओं को समझना, उन्हें सुलझाने के लिए पहल करना और कई बार कार्यकर्ताओं के कठिन समय में अपनी सुविधा को दरकिनार कर मदद करने का उनका स्वभाव—इस वजह से नरेंद्र इतने सालों से हम सबके बीच प्रिय रहे हैं। कल्याण के आम नागरिकों के साथ भी उनका ऐसा ही जुड़ाव रहा है।

इस घटना के बाद का एक महत्वपूर्ण पहलू नरेंद्र पवार की पत्नी और नगरसेविका हेमा नरेंद्र पवार ने बताया है। उनके अनुसार, FIR में घटना की तारीख के बाद गणपति के समय संबंधित महिला नरेंद्र और हेमा से मिलने तथा गणपति दर्शन के लिए उनके घर आई थी

और सामान्य ढंग से कुछ देर बातचीत करके गई थी। इसी वजह से नरेंद्र और उनके परिवार को इस शिकायत से गहरा धक्का और आश्चर्य हुआ है। इस मामले की पृष्ठभूमि में संबंधित महिला द्वारा इससे पहले अपने पति के खिलाफ POCSO कानून के तहत शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही जा रही है।

नरेंद्र के सार्वजनिक जीवन की वजह से उनके समर्थक हैं, तो राजनीतिक और व्यावसायिक स्तर पर विरोधी भी हैं। स्थानीय मुद्दों पर कुछ बिल्डरों के निर्माण कार्यों का उनके द्वारा किया गया रचनात्मक विरोध, उनका खुद का निर्माण व्यवसाय (रियल एस्टेट) और पिछले कुछ वर्षों में कल्याण में हुई स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां—इनके कारण प्रतिद्वंद्वियों से गहरे मतभेद पैदा हुए हो सकते हैं।

कुछ दिनों पहले कल्याण में नरेंद्र का बड़े उत्साह के साथ मनाया गया जन्मदिन, उस अवसर पर नागरिकों द्वारा लगाए गए शुभकामनाओं के होर्डिंग्स और भविष्य के सांसद के रूप में जताई गई उम्मीदें, कल्याण के आम नागरिकों के साथ उनके जुड़ाव को दर्शाने वाले उदाहरण हैं।

आज सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सच क्या है, यह निष्पक्ष जांच से सामने आएगा। FIR दर्ज हुई है, आरोप लगे हैं; लेकिन आरोप लगने का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं होता। नरेंद्र पवार ने खुद प्रेस में बयान जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा है कि आने वाले कुछ दिनों में इस मामले से जुड़ी अधिक जानकारी और सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।

नरेंद्र के करीबी मित्र और शुभचिंतक होने के नाते हमारी सभी से यही अपील है—सोशल मीडिया पर आधी-अधूरी जानकारी पर भरोसा करके किसी की छवि के बारे में जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालें।

इस कठिन समय में एक मित्र के रूप में हम नरेंद्र के साथ खड़े हैं। साथ ही, सच, निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कानूनी प्रक्रिया पर भी हमारा पूरा विश्वास है।