देशभर में ‘स्किन डोनेशन’ और ‘स्किन बैंकिंग’ व्यवस्था सुदृढ़ हो: राज्यसभा में सांसद विनोद तावड़े ने उठाई मांग
नई दिल्ली:
देश में गंभीर रूप से झुलसे (बर्न) मरीजों की जान बचाने के लिए ‘स्किन डोनेशन’ (त्वचादान) और ‘स्किन बैंकिंग’ की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा व्यापक बनाने की आवश्यकता है। यह बात महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने संसद में राज्यसभा के विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कही।
माता जी के निधन के दौरान महसूस हुई आवश्यकता
सांसद विनोद तावड़े ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए बताया कि दो वर्ष पूर्व अपनी माता जी के निधन के दौरान यह विषय उनके संज्ञान में आया। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति का शरीर बड़े पैमाने पर जल जाता है, तो दान की गई त्वचा (स्किन) मरीज के लिए अत्यंत जीवनदायी साबित होती है। यह त्वचा संक्रमण को रोकने और शरीर से तरल पदार्थों (बॉडी फ्लूइड्स) के नुकसान को कम करने में बेहद मददगार होती है।
त्वचादान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:
समय सीमा: मृत्यु के ६ घंटे के भीतर त्वचा का दान किया जा सकता है।
मैचिंग की आवश्यकता नहीं: इसके लिए ब्लड ग्रुप या टिशू मैचिंग (ऊतक मिलान) की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती।
शारीरिक बनावट अप्रभावित: प्रक्रिया में केवल त्वचा की ऊपरी पतली परत ली जाती है, जिससे मृत शरीर की बाहरी बनावट या स्वरूप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
लंबी शेल्फ लाइफ: दान की गई त्वचा को विशेष प्रक्रियाओं द्वारा ५ वर्षों तक सुरक्षित (स्टोर) रखा जा सकता है।
वर्तमान स्थिति और सरकारी प्रयास
‘ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन एंड टिशू एक्ट १९९४’ के तहत त्वचादान का कानूनी प्रावधान उपलब्ध है। केंद्र सरकार ने ‘नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन’ (NOTTO) के माध्यम से अंग एवं टिशू डोनेशन को बढ़ावा देने के लिए कई सराहनीय कदम उठाए हैं। हालांकि, अब इस दिशा में और अधिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करने की जरूरत है।
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सांसद विनोद तावड़े द्वारा सरकार से की गई मुख्य मांगें:
१. विशेष फ्रेमवर्क: देश भर में व्यापक स्किन डोनेशन फ्रेमवर्क विकसित करने के लिए विशेष प्रावधान बनाए जाएं।
२. स्किन बैंकिंग का सुदृढ़ीकरण: देश में स्किन बैंकिंग की ढांचागत सुविधाओं (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत किया जाए।
३. एकीकृत नेटवर्क: एक एकीकृत स्किन रेफरल एवं ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की स्थापना हो, जिससे मरीज तक समय पर त्वचा पहुंच सके।
४. लॉजिस्टिक्स मजबूती: ‘स्किन चेन लॉजिस्टिक्स’ को अधिक सक्षम और तेज बनाया जाए।
५. राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान: समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को त्वचादान के प्रति प्रेरित करने के लिए देशभर में जागरूकता अभियान चलाया जाए।

