कल्याण रेलवे स्टेशन पर खुला यूनिसेक्स पार्लर
कल्याण रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को दरकिनार कर मध्य रेलवे प्रशासन व्यवसायिकता पर उतर गया है एक तरफ जहां कल्याण रेलवे स्टेशन के मेल एक्सप्रेस गाड़िया रुकने वाले प्लेटफार्म पर, प्रतीक्षालय, टीसी ऑफिस, आरपीएफ कार्यालय, जीआरपी पोस्ट, खानपान विभाग, अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें यात्रियों के सार्वधिक आवश्यक प्रतीक्षालय प्लेटफार्म से आधा किलोमीटर दूर एकांत में स्थांतरित कर दिया है।
भीड़भाड़ वाले दादर, ठाणे, और कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म से कार्यालय ओर स्टाल हटाए जाएंगे
वही प्लेटफार्म क्रमांक एक पर नए सिरे से हाल ही में कल्याण जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या एक पर यूनिसेक्स पार्लर खोला गया है ताकि रेल कर्मचारी सहित यात्री बाल कटवा सकें और मेक अप करवा सकें। पता हो कि यह स्टेशन सौंदर्यीकरण का ही एक हिस्सा माना जा रहा है और इस चक्कर में रेलवे प्लेटफार्म से टीसी ऑफिस, आरपीएफ ऑफिस, खानपान विभाग, जीआरपी पोस्ट, प्रतीक्षालय आदि हटा कर वीरान में आरक्षण कार्यालय के पास स्थनांतरित कर दिया गया है।
विना कोई उचित वैकल्पिक व्यवस्था के कल्याण रेलवे स्टेशन के नूतनिकरण से यात्री परेशान
कहा जाता है कि यह रेलवे परिसर के व्यावसायीकरण का ही एक भाग है। इस व्यवस्था से एक तरफ जहां मेल एक्सप्रेस से उतरनेवाले यात्रियों में स्टेशन परिसर मे मूलभूत सुविधा नहीं होने के कारण असंतोष है तो दूसरी तरफ लोकल ट्रेन से उतरनेवाले यात्रियों में खुशी की लहर है क्योंकि उन्हें न तो प्रतीक्षालय से और न ही आरपीएफ, टीसी ऑफिस से कोई लेना देना है।
मध्य और पश्चिम रेलवे ट्रैक पर गत एक वर्ष मे ढाई हजार यात्रियों की मौत
उनका कहना है कि ऑफिस से लोकल में आते समय उनकी हुलिया बदल जाती है इसलिए पार्लर उनके लिए वरदान साबित होगा ताकि वे तारोताजा होकर घर पहुंचे और मुहल्लेवाले उन्हें पहचान सकें। लेकिन कुछ सुविधाएं छीनकर कुछ सुविधाएं देना लोगों को हजम नहीं हो रहा है।
रेलवे प्रशासन की भ्रष्ट नीति के कारण कल्याण स्टेशन पर खानपान गृह की वैकल्पिक व्यवस्था करने मे देरी
प्लेटफार्म संख्या 5 या 7 पर उतरकर एक दो घंटे प्रतीक्षा करने के लिए अकेली महिला यात्री या बुजुर्ग यात्री स्टेशन से बाहर लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित प्रतिक्षालय में जाते हैं या नहीं। कहा जाता है कि यह पार्लर केवल रेल कर्मचारियों और रेल यात्रियों के लिए खोला गया है और यदि कोई बाहरी व्यक्ति इसका फायदा उठाना चाहता है तो उसे पहले रेलवे का फायदा कराना होगा यानी प्लेटफार्म टिकट लेना होगा

