राजीव गाँधी और उनकी औलादें !
(कर्ण हिन्दुस्तानी )
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजीव गाँधी को भ्रष्टाचारी नंबर वन क्या कह दिया। चारों तरफ मोदी को कोसा जाने लगा। सभी को मिर्ची लग गई। मानो मोदी ने एक संत को दुराचारी कह दिया हो। मगर अब जो शब्द प्रियंका गाँधी , संजय निरुपम और राहुल गाँधी प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं क्या वह उचित हैं?
प्रियंका गाँधी ने प्रधानमंत्री को दुर्योधन कहने में कोई हिचकिचाहट महसूस नहीं की , राहुल गाँधी तो शुरू से ही प्रधानमंत्री को चोर कहते आ रहे हैं। क्या यही संस्कार राजीव गाँधी ने अपनी औलादों और कांग्रेस के नेताओं को दिए हैं ? संजय निरुपम जैसा कांग्रेसी प्रधानमंत्री को औरंगज़ेब कहता है। क्या यह सब सही है ? क्या कांग्रेस आज अपने संस्कार भूल गई है ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यदि राजीव गाँधी को भ्रष्टाचारी नंबर वन कहा तो इसके पीछे की वजह भी तो होगी। राहुल गाँधी यदि हर सभा में मोदी को चोर कहेंगे तो मोदी जी को भी हक़ है कि वह राजनीती के अतीत में जाकर कुछ खंगाले और उन्होंने काफी कुछ खंगाला भी। यही वजह रही कि मोदी जी ने राजीव गाँधी को भ्रष्टाचारी नंबर वन की उपाधि दे डाली।
प्रियंका और राहुल को यदि दरकिनार कर भी दिया जाए तो राजीव गाँधी की बेवा सोनिया गाँधी ने तो मोदी जी को एक बार लाशों का सौदागर भी कह दिया था। तब किसी कांग्रेसी ने यह नहीं कहा कि सोनिया गाँधी को ऐसी बात नहीं करनी चाहिए। अपनी माँ के मरने के बाद अचानक प्रधानमंत्री बने राजीव गाँधी की अपरिपक्वता ही थी कि उन्होंने श्रीलंका में जो शांति सेना भेजी थी उसे (सिख रेजिमेंट ) वहाँ गोली चलाना मना किया था।
नतीज़ा यह निकला कि श्री लंका में हमारे जवान बे वजह मारे गए और अंत में राजीव गाँधी भी लिट्टे के आत्मघाती दस्ते का शिकार हुए। खैर जो भी हो मगर मोदी जी की राजीव गाँधी के बारे में यदि बयानबाज़ी गलत है तो राजीव गाँधी की औलाद क्या शब्दों के फूल बरसा रही है। इसका खुलासा भी होना चाहिए।

