जर्मनी में प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय समर स्कूल के लिए डोंबिवलीकर आलोक तिवारी का चयन; करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व!
डोंबिवली:
डोंबिवली के शैक्षणिक एवं सामाजिक क्षेत्र को गौरवान्वित करने वाले आलोक वीरेंद्र तिवारी का चयन जर्मनी के पासौ और म्यूनिख में आयोजित होने वाले पहले अंतर्राष्ट्रीय समर स्कूल में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हुआ है। वर्तमान में हरियाणा स्थित प्रसिद्ध ऋषिहुड यूनिवर्सिटी में ‘प्रोग्राम मैनेजर – इंस्ट्रक्शनल डिलीवरी’ के रूप में कार्यरत आलोक की इस उपलब्धि से डोंबिवली और महाराष्ट्र का मान बढ़ा है।
३ से १५ अगस्त २०२६ के दौरान आयोजित इस १३ दिवसीय प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी ऑफ पासौ और हान्स सीडेल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। इस अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन के लिए दुनिया भर के १४ देशों से केवल २५ उत्कृष्ट प्रतिनिधियों का चयन किया गया है, जिनमें भारत से आलोक तिवारी शामिल हैं।
“विकेंद्रीकरण, सुशासन और भू-राजनीतिक बदलाव” (Decentralization, Good Governance and Geopolitical Shifts) इस कार्यक्रम का मुख्य विषय है। यह उपक्रम वैश्विक सत्ता समीकरणों में आ रहे बदलावों, विकेंद्रीकरण की नीतियों, राज्य की क्षमता और स्थानीय शासन मॉडल पर पड़ने वाले प्रभावों के विश्लेषण पर केंद्रित है।
इसमें तुलनात्मक संघवाद (Comparative Federalism), उप-राष्ट्रीय कूटनीति (Subnational Diplomacy), अल्पसंख्यक अधिकारों की सुरक्षा और उभरती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं में राज्य के लचीलेपन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और अध्ययनपूर्ण विषयों पर चर्चा शामिल है। इसके साथ ही बवेरियन संसद में प्रत्यक्ष संवाद और नीति सिमुलेशन अभ्यास भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से नेतृत्व और अध्ययन की नींव:
आलोक तिवारी मूल रूप से डोंबिवली के निवासी हैं और छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में कार्यरत रहते हुए उन्होंने छात्र हित, शैक्षणिक मुद्दों और सामाजिक उपक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इन अनुभवो से ही उनमें नेतृत्व क्षमता और सार्वजनिक नीति विकसित हुई है।
उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (Masters) की डिग्री प्राप्त की है और उनके पास सार्वजनिक नीति (Public Policy) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी है।
अपनी इस चयन पर भावनाएं व्यक्त करते हुए आलोक तिवारी ने कहा, “इस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना मेरे लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। शासन प्रणाली और उप-राष्ट्रीय कूटनीति पर भारतीय दृष्टिकोण रखने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अध्ययन का अनुभव प्राप्त करने के लिए मैं बेहद उत्सुक हूँ।”
डोंबिवली के इस प्रतिभावान युवा की इस अंतर्राष्ट्रीय सफलता पर स्थानीय नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल है

