राम मंदिर निर्माण के लिए एक हों हिंदू संगठन- शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती
बीजेपी की भूमिका पर उठाए सवाल
मुम्बई. मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम के मंदिर का निर्माण देश के करोड़ों हिंदुओं की जनभावना से जुड़ा हुआ है,इसलिए मंदिर निर्माण के लिए सभी हिन्दू संगठनों को एकत्र होकर काम करना चाहिए.
उक्त विचार काशी सुमेरु पीठ के शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने व्यक्त किया.राम मंदिर मुद्दे को लेकर अयोध्या में बीएचपी,आरएसएस के साथ शिवसेना की रैली को लेकर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि इस मुद्दे का फिर से राजनीतिकरण हो रहा है.शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद ने सवाल करते हुए कहा कि जब शिवसेना 25 नवबंर को रैली कर रही थी तो उसी दिन आरएसएस और बीएचपी को सम्मेलन करने की क्या जरूरत थी.स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि इसके पहले जब प्रवीण तोगड़िया अध्यादेश लाकर मंदिर के निर्माण की मांग कर रहे थे तो उन्हें बाहर निकाल दिया गया,अब वही बात आरएसएस और बीएचपी कर रही है.शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि शिवसेना के साथ मिलकर आरएसएस, बीएचपी और अन्य हिन्दू संगठनों को राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आना चाहिए.स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि बीजेपी की मंशा पर अब लोगों को शंका हो रही है,इनकी कथनी करनी में अंतर को लेकर संत समाज भी नाराज है. ऐसे में यदि अध्यादेश लाकर राम मंदिर का निर्माण न किया गया तो करोडों हिन्दू जनमानस की भावनाओं को ठेस पंहुचेगी, जिसका खामियाजा बीजेपी को भुगतना होगा.शिवसेना की भूमिका का शंकराचार्य ने समर्थन किया.
सौजन्य – सूर्यप्रकाश मिश्रा जी के फेसबुक बाल से

