विधायक हितेंद्र ठाकुर की मनपा में स्थानीय और संविदा कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में वरीयता देने की मांग
प्रेम चौबे
वसई-विरार नगर पालिका में रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। समझा जाता है कि नगर पालिका एजेंसी के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को लागू करेगा,वसई के विधायक हितेंद्र ठाकुर ने मांग की है कि इस भर्ती प्रक्रिया में नगर पालिका में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को वरीयता दी जाए।
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3 जुलाई 2009 को अस्तित्व में आए वसई-विरार शहर नगर पालिका में वसई, विरार, नालासोपारा, नवघर मानिकपुर इन 4 नगरपालिका परिषद सहित 55 राजस्व गांव शामिल हैं। नगर पालिका की स्थायी स्थापना पर तत्कालीन नगर परिषद और ग्राम पंचायत से लिए गए कर्मचारी कार्यरत हैं। नगर निगम के अस्तित्व में आने के बाद से नगर निगम के स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया नहीं हुई है।
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विधायक हितेंद्र ठाकुर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वसई-विरार नगर पालिका में बिना अनुभव वाले कर्मचारियों को नियुक्त करने के बजाय यदि अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को नगर निगम में नियुक्त किया जाता है, तो प्रशासन और उनके कार्य अनुभव का लाभ नगर पालिका को मिलेगा।
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विधायक ने कहा है कि यदि ऐसा होता है, तो नगर पालिका के लिए उन सेवाओं को तत्परता और सुचारू रूप से उपलब्ध कराना संभव होगा क्योंकि अति आवश्यक एवं आपात स्थितियों में सेवाएं देने के दौरान अनुभवी कर्मचारी उनके साथ होते हैं।
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विधायक ठाकुर द्वारा लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा है कि नगर पालिका में संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को सीधी सेवा भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देने की शर्त नहीं होने पर नगर पालिका अनुभवी संविदा कर्मचारियों की सेवा का लाभ नहीं ले पाएगा।
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साथ ही संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों में अन्याय की भावना भी पैदा होगी। इसी को लेकर विधायक ठाकुर ने मांग की है कि उक्त भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों व स्थानीय लोगों को वरीयता देने के लिए संबंधित विभाग को अवगत कराया जाए।

