सावधान! मुंबई एयरपोर्ट का ‘उबर’ काउंटर बना लूट का अड्डा: फिक्स्ड रेट बताकर यात्रियों से वसूली जा रही है मोटी रकम
मुंबई: देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, मुंबई एयरपोर्ट (टर्मिनल-1) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ आधिकारिक ‘उबर’ (Uber) काउंटर पर पारदर्शिता के नाम पर यात्रियों के साथ खुलेआम धोखाधड़ी और जालसाजी का खेल चल रहा है। ताज़ा घटना ने यह साफ कर दिया है कि एयरपोर्ट पर मौजूद टैक्सी माफिया अब संगठित तरीके से यात्रियों की जेब काट रहा है।
क्या है पूरा मामला?
11 जनवरी की रात लगभग 1:00 बजे, एक यात्री टर्मिनल-1 पर उतरने के बाद डोंबिवली जाने के लिए आधिकारिक उबर काउंटर पर पहुँचा। काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने यात्री को आश्वस्त किया कि डोंबिवली तक का कुल किराया ₹880 होगा। लेकिन असली खेल तब शुरू हुआ जब यात्री अपने गंतव्य पर पहुँचा।
ड्राइवर की मनमानी और जबरन वसूली
गंतव्य पर पहुँचते ही ड्राइवर नदीम शेख (वाहन क्रमांक: MH02FX1418) ने काउंटर पर तय किए गए किराए को मानने से इनकार कर दिया। ड्राइवर ने यात्री पर दबाव बनाया और जबरन अपना QR कोड दिखाकर ₹1243 वसूल किए। यानी सीधे तौर पर यात्री से ₹363 अतिरिक्त लूट लिए गए।
मुख्य बिंदु:
* स्थान: मुंबई एयरपोर्ट, टर्मिनल-1, उबर अधिकृत काउंटर।
* धोखाधड़ी का तरीका: काउंटर पर कम किराया बताना और गंतव्य पर ज्यादा वसूलना।
* आरोपी ड्राइवर: नदीम शेख (MH02FX1418)।
* किराये में अंतर: ₹880 (वादा) बनाम ₹1243 (वसूली)।
प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर सवाल
यह कोई छिटपुट घटना नहीं लगती, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा जान पड़ती है। सवाल यह उठता है कि एयरपोर्ट जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में, जहाँ कदम-कदम पर पुलिस और सीसीटीवी कैमरे हैं, वहाँ इस तरह का फर्जीवाड़ा कैसे फल-फूल रहा है? क्या इसमें स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भी मिलीभगत है?
बिना किसी डर के यात्रियों से मनमाना किराया
वसूलना यह दर्शाता है कि इन ड्राइवरों को कानून का कोई खौफ नहीं है। पीड़ित यात्री ने इस संबंध में उबर कंपनी को भी औपचारिक शिकायत भेजकर जवाब माँगा है।
यात्रियों के लिए चेतावनी
अगर आप भी मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से टैक्सी ले रहे हैं, तो सावधान रहें:
* काउंटर पर मिलने वाली रसीद या बताए गए किराए का लिखित प्रमाण जरूर मांगें।
* पेमेंट करने से पहले ऐप में दिख रहे किराए और ड्राइवर द्वारा मांगे जा रहे किराए का मिलान करें।
* किसी भी विसंगति की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या एयरपोर्ट अथॉरिटी को सूचित करें।
मुंबई पुलिस और आरटीओ (RTO) को इस गिरोह पर तुरंत नकेल कसनी चाहिए, ताकि आम यात्री सुरक्षित महसूस कर सकें।

