सावन में पूनम विश्वकर्मा की कजरी की धूम
शीतला प्रसाद सरोज
मुंबई। मुंबई को कजरीमय बनाने के लिए सावन के पहले सोमवार से शुरू गायिका पूनम विश्वकर्मा का मिशन कजरी सावन के तीसरे सोमवार को भी जारी रहा। इस बार पूनम की कजरियां काशी, रामायण और श्री कृष्णा पर आधारित थी।
कजरी कार्यक्रम को फेसबुक पर लाइव किया गया,जिसे पूरी दुनिया के कोने-कोने में बड़ी संख्या में लोगों ने आनंद लिया। इस प्रोग्राम की खासियत यह रही कि कई लोकप्रिय कजरियों के साथ-साथ पूनम ने स्वरचित कजरियां भी पेश की।
सावन के तीसरे सोमवार को लाइव कजरी प्रोग्राम में उनका साथ पूर्वांचल के प्रतिभाशाली गायक बलेंद्र विश्वकर्मा ने दिया। दोनों ने बारी-बारी से कजरियां पेश की। दोनों ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया कि श्रोताओं का कब दो घंटे गुजर गए पता ही नहीं चला।

गौरतलब है कि पहले सोमवार को उनका साथ उनके गुरु शास्त्रीय संगीत के महारथी और कजरी विधा के मर्मज्ञ गोसाईं घराने के सरताज डॉ. पं. श्यामरंग शुक्ला ने दिया था तो दूसरे सोमवार को पूनम को पूर्वांचल के सुमधुर गायक सोनू सिंह ‘सुरीला’ का साथ मिला।
कांदिवली (पश्चिम) के गौरव गार्डन इलाके में हुए पूनम विश्वकर्मा की कजरी प्रोग्राम को प्लाइवुड का निर्माण करने वाली मशहूर कंपनी ‘एवरेस्ट प्लाई’ ने प्रायोजित किया था। कजरी प्रोग्राम में लोगों को पूनम विश्वकर्मा से कई कजरियां सुनने को मिली।
कार्यक्रम में भाजपा नेता महेंद्र विश्वकर्मा, बाबूलाल विश्वकर्मा, भरत विश्वकर्मा, चंद्रबली विश्वकर्मा और उत्कर्ष विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कजरी प्रोग्राम से उत्साहित पूनम ने कहा कि चौथे सोमवार को भी कजरी पेश करेंगी।
पिछले बृहस्पतिवार को पूनम की स्वरचित कजरी ‘घिरि-घिरि बरसता चारो ओर बदरा,पिया हम जल बिन मछली ना, सुन परदेसी जहजिया से आव, तब होई पूनम की कजरी ना..’ उनके यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज हुई,जिसे केवल दो दिन में 31 हजार से अधिक लोगों ने देखा।
इस कजरी का संगीत अभिषेक पांडेय ने तैयार किया है। कजरी प्रोग्राम में कीबोर्ड पर देवेश पाठक और ढोलक पर रितिक थे। बलेंद्र खुद हारमोनियम पर थे।
कार्यक्रम में संजीव विश्वकर्मा ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।

