कल्याण: रेलवे स्टेशन से महालक्ष्मी होटल तक सरेआम चलने वाले गंदे धंधे पर पुलिस का कड़ा प्रहार; सालों पुराने कलंक से मिली मुक्ति
कल्याण रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वर्षों से सरेआम चल रहे अवैध वेश्यावृत्ति के काले कारोबार पर आखिरकार कानून का बड़ा डंडा चला है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से की जा रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कल्याण पुलिस ने एक ऐतिहासिक और बेहद सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत पुलिस ने ‘मकोका’ (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) जैसी गंभीर धाराओं के तहत गिरोह के मास्टरमाइंड सहित आठ आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जबकि नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर की गईं 20 पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित मुक्त कराया है।
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सालों से कलंकित हो रही थी कल्याण की सड़क
दरअसल, कल्याण पश्चिम रेलवे स्टेशन से गुरुदेव होटल होते हुए शिवाजी चौक जाने वाली सड़क और रेलवे ओवरब्रिज लंबे समय से इस अवैध धंधे का मुख्य अड्डा बने हुए थे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंधेरा होते ही इन सड़कों पर संदिग्ध अवस्था में महिलाओं का जमावड़ा शुरू हो जाता था। सबसे बदतर स्थिति स्टेशन से लेकर महालक्ष्मी होटल तक की सड़क पर देखने को मिलती थी, जहां शाम ढलते ही सभ्य परिवारों और विशेषकर महिलाओं का पैदल चलना या गुजरना पूरी तरह दूभर हो चुका था। सालों से सरेआम चल रही इस गंदगी के कारण पूरा इलाका बदनाम और कलंकित हो रहा था।
मकोका के प्रहार से टूटेगी अपराधियों की कमर
जनता की इसी परेशानी और कानून-व्यवस्था की चुनौती को भांपते हुए पुलिस विभाग ने इस बार बेहद कड़ा रुख अपनाया। केवल दिखावे की कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने इस रैकेट को जड़ से उखाड़ने के लिए संगठित अपराध (मकोका) के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों का कोई कानूनी आय का जरिया नहीं था और वे पूरी तरह इसी घिनौने अपराध पर पल रहे थे। पश्चिम बंगाल तक पीछा करके पकड़े गए मास्टरमाइंड तौफिक उर्फ टोप्या सैय्यद और मीता बारीक सहित सभी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी यह साफ करती है कि पुलिस अब इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के मूड में है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय जाधव के मार्गदर्शन और उपायुक्त अतुल झेंडे की देखरेख में हुई पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत दी है। नागरिकों को पूरी उम्मीद है कि पुलिस की यह ऐतिहासिक सख्ती वर्षों से कल्याण के माथे पर लगे इस कलंक को हमेशा के लिए मिटा देगी और राहगीर अब बेखौफ होकर इन सड़कों पर चल सकेंगे।

