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‘इसरो’ चांद पर पहुंच गया, अनीस’ अब भी अंधविश्वास के दलदल में – हिंदू जनजागृति समितिकी की आलोचना

मुंबई, दि. 25
हिंदू धर्म को पानी में देखने वाली महाराष्ट्र अंधविश्वास उन्मूलन समिति (एएनआईएस) ने इस बार भी हिंदू नफरत दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। चांद पर पहुंचा इसरो; हालाँकि, हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने आलोचना की है कि ‘अनीस’ अभी भी अंधविश्वास के पूल में है।
अनीसवाली ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है कि ‘चंद्रयान मिशन की सफलता के लिए पूजा, मंत्र, तंत्र, होम हवन उपयोगी नहीं होंगे बल्कि सटीक तकनीक ही इस मिशन को सफल बना सकती है।’ क्या ‘इसरो’ वैज्ञानिकों की खुराक का प्रचार करने वाली अनीस खुद को ‘इसरो’ वैज्ञानिकों से बड़ा मानती हैं? जो धर्म का पालन करता है केवल वही इसके लाभों को जानता है। शिंदे ने कहा है कि धर्म का पालन किए बिना ‘कोई लाभ नहीं मिलता’ यह कहना अनीसवाली का ‘अंधविश्वास’ है।
हर काम को देवता के आशीर्वाद से शुरू करना, बाधाओं को दूर करने के लिए प्रार्थना करना, अनुष्ठान करना एक हिंदू परंपरा है। इसरो वैज्ञानिक अपने प्रत्येक अंतरिक्ष मिशन को लॉन्च करने से पहले श्री तिरूपति के बालाजी मंदिर में पूजा करते हैं और अंतरिक्ष यान लॉन्च करने से पहले भी मुहूर्त और पूजा करते हैं। धार्मिक होते हुए भी वैज्ञानिक होना भारत की गौरवशाली परंपरा है; शिंदे ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह बात कही है।

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