कैरोना से हिंदुओ के पलायन का सूत्रधार गैंगस्टर मुकीम काला की चित्रकूट जेल में कैदियों के बीच खूनी संघर्ष में मौत
अंशु दीक्षित नाम के कैदी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के बड़े गैंगस्टर मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या कर दी, बाद में जेल के अंदर डबल मर्डर करने वाले अंशु दीक्षित को पुलिस ने मार गिराया है।
मारे गए गैंगस्टरों में मेराजुद्दीन नाम का अपराधी यूपी के डॉन मुख्तार अंसारी का खास गुर्गा माना जाता है।
बता दें कि जेल में मारा गया मुकीम काला वही अपराधी है जिसने NIA ऑफ़िसर तंजील अहमद को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया था। ये वही अपराधी है जिसने तंजील अहमद को मारने से पहले प्रैक्टिस के तौर पर लखनऊ में निर्दोष होटल मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
योगीराज आते ही अपराधियों में ख़ौफ़ का ऐसा माहौल पैदा हुआ कि मुकीम ने अदालत के भीतर कहा था कि मुझे जंजीरों में जकड़ दो ताकि पुलिस मेरे एनकाउंटर का कोई बहाना ना ढूंढ सके।
ये पश्चिम उत्तर प्रदेश का खूंखार अपराधी था । ऐसा कहा जाता है कि 2012 से 2017 के बीच इस खूंखार अपराधी के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना में जो पलायन की स्थिति पैदा हुई थी उसके लिए ये भी जिम्मेदार था। मुकीम उर्फ काला 6 साल पहले अन्य मजदूरों के साथ मकान निर्माण में चिनाई मिस्त्री के साथ मजदूरी करता था।
मुकीम काला ने पहली वारदात हरियाणा के पानीपत में एक मकान में डकैती के रूप में अंजाम दी। इस मामले में मुकीम काला जेल गया था उसके बाद उसने अपराध की दुनिया में अपने कदम आगे बढ़ा दिए। मुकीम काला का खौफ वेस्ट यूपी के अलावा हरियाणा के पानीपत और उत्तराखंड के देहरादून में भी फैला है।
मुकीम का गैंग पुलिस के रडार पर तब आया जब इन्होंने पुलिस पर भी हमले करने शुरू कर दिए। पुलिस के अनुसार, दिसबंर 2011 में पुलिस एनकाउंटर में मुस्तफा उर्फ कग्गा मारा गया जिसके बाद मुस्तकीम काला ने कग्गा के गैंग की बागडोर संभाल कर वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
पिछले साल अक्तूबर में पुलिस ने मुकीम काला को उसके साथी साबिर के साथ गिरफ्तार किया।
शामली पुलिस के अनुसार, मुकीम काला को गिरफ्तार करने के बाद सहारनपुर जेल में रखा गया था। लेकिन बाद में उसे महाराजगंज जिले की जेल में और बाद में चित्रकूट जेल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार वर्तमान में मुकीम काला पर अलग-अलग थानों में करीब 61 अपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।

