दमड़ी- चमड़ी और के डी एम सी !
(कर्ण हिन्दुस्तानी )
के डी एम सी यानी कल्याण डोम्बिवली महानगर पालिका , छत्रपति शिवाजी महाराज के पावन स्पर्श से प्रफुल्लित हुई इस महानगर पालिका में आज भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार बन चुका है। हर विभाग में दमड़ी का बोलबाला है , ना जाने कितने अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत का मल -मूत्र पीते शिकंजे में फंस चुके हैं।
हर दो चार माह में कोई ना कोई अधिकारी मनपा को शर्मिंदा करते हुए रिश्वत लेते पकड़ा जाता है। इसके बाद फिर तथाकथित रूप से रिश्वत देकर ही मनपा की सेवा में वापस आ जाता है। जितना बड़ा अधिकारी उतनी बड़ी रिश्वत की रकम। मगर अब तो हद हो गई , मनपा के कर विभाग के एक कर्मचारी ने तो कर कम करने के एवज़ में एक कर दाता महिला से जिस्म की मांग कर दी। अब तक रिश्वत के पैसों से बियर बार – डांस बार और विभिन्न लॉज में जिस्म का उपभोग करने वाले मनपा के रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारी अब सीधे तौर पर कर भरने के आने वाली महिलाओं से जिस्म की मांग करने लगे है।
यह नीचता की पराकाष्ठा ही है। मनपा के पुराने लोग जानते हैं कि यह सब काफी आरसे से चल रहा है। कुछ बरस पहले मनपा के एक अधिकारी ने अस्थाई कर्मचारियों की भर्ती के नाम पर मनपा में बियर बार में काम करने वाली महिलाओं को भर्ती किया था और तब मनपा में जिस्मफिरोशी के चर्चे काफी बड़े पैमाने पर हुए थे।
कुछ स्वयंघोषित समाजसेवकों ने उस वक़्त संबंधित अधिकारी को पीटने की योजना बनाई थी मगर एक दबंग नगरसेवक ने उस अधिकारी को अपने संरक्षण में मनपा मुख्यालय से बाहर निकालने में मदद की थी। उसके बाद सारा मामला धीरे – धीरे शांत हो गया। मज़ेदार बात यह है कि मनपा के इक्का दुक्का अधिकारी ही सीधे तौर पर रिश्वत लेते पकडे गए हैं बाकी सभी की रिश्वत की रकम उनके वाहन चालक अथवा अर्दली लेते हुए ही गिरफ्तार हुए हैं।
इसका सीधा अर्थ यह है कि मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने मातहत कर्मचारियों को भृष्ट बनाया और बड़ी रकम मिलने की चाह में कर्मचारी भी रिश्वतखोर ही गए। यहां तक कि अब मनपा क्षेत्र की कर दाता महिलाओं से सीधे तौर पर जिस्म की मांग करने लगे हैं। ऐसे में अब यह पता लगाना भी ज़रूरी हो गया है कि इस तरह की मांग क्या पहले भी हो चुकी है और अब तक कितनी महिलाएं इन जिस्मखोर अधिकारियों की हवस का शिकार बन चुकीं हैं ? इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पता चलेगा कि कहीं कल्याण डोम्बिवली मनपा में कोई बड़ा चौका देने वाला जिस्म का रैकेट तो नहीं चल रहा है ?

