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दादा… आप नहीं हैं, यह मन आज भी मानने को तैयार नहीं’; अजित दादा के स्मारक पर नतमस्तक हुईं सुनेत्रा पवार, साझा की भावुक पोस्ट

‘दादा… आप नहीं हैं, यह मन आज भी मानने को तैयार नहीं’; अजित दादा के स्मारक पर नतमस्तक हुईं सुनेत्रा पवार, साझा की भावुक पोस्ट

बारामती: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन को आठ महीने बीत जाने के बाद भी बारामती और पूरे महाराष्ट्र की जनता के दिलों में उनकी जगह वैसी ही बनी हुई है।

बारामती स्थित ‘विद्या प्रतिष्ठान’ परिसर में बने अजित दादा के स्मारक पर जाकर आज उनकी पत्नी एवं सांसद सुनेत्रा पवार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने दिल की बात साझा की, जो बेहद भावुक और मार्मिक है।

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“दादा… आप नहीं हैं, यह मन मानने को तैयार नहीं” स्मारक पर नतमस्तक होकर सुनेत्रा पवार ने बेहद भावुक शब्दों में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, “दादा… आप नहीं हैं, यह मन आज भी मानने को तैयार नहीं है। आज विद्या प्रतिष्ठान स्थित आपके स्मारक पर शीश झुकाकर, मन में संजोई भावनाएं आप तक पहुंचा रही हूं।”

उन्होंने आगे लिखा कि आठ महीने बीत जाने के बाद भी हर कार्यकर्ता और आम नागरिक की जुबां पर आज भी वही अपनापन भरा एक ही शब्द है — ‘दादा’। उसी एक शब्द में लोगों का उनके प्रति प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ता समाया हुआ है।

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सपनों को पूरा करने और इंसानियत की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प अजित दादा के बाद मिली जिम्मेदारियों और जनता के साथ इस रिश्ते को निभाने का संकल्प व्यक्त करते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा, “आपकी जीवनसंगिनी होने के नाते आपके जाने के बाद इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए मेरे मन में बस एक ही ध्येय है — आपके देखे सपनों को पूरा करना और आपके द्वारा संजोई गई इंसानियत की विरासत को आगे बढ़ाना। आपकी दी हुई सीख और जनता के साथ जुड़ा यह रिश्ता मैं जीवन भर पूरे दिल से निभाती रहूंगी।”

विद्या प्रतिष्ठान स्थित स्मारक पर सुनेत्रा ताई द्वारा व्यक्त किए गए इस दर्द और भावनाओं को देखकर वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और नागरिकों की आंखें भी नम हो गईं।