केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा तीन तलाक पर बंदी का कानून पारित करवाने का प्रयास भारतीय मुस्लिम महिलाओं के लिए अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाने वाला कदम है इसका अनुभव इस कानून की शिकार महिलाओं के हालात से किया जा सकता है भाजपा सरकार का यह कदम निसंदेह साहसिक रहा.लेकिन कांग्रेस को अपनी दोगली राजनीति से बाज आनि चाहिए. कांग्रेस नेतागण सिर्फ वोट की राजनीति के लिए सत्ता में आने के बाद इस कानून को खत्म करने का वादा कर रहे हैं जो कि देशभर की मुस्लिमों महिलाओं के लिए कांग्रेसियों की गंदी मानसिकता उजागर करती है यह कहना है केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अल्पसंख्यकों में शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली समिति के सदस्य जमशेद खान का।
मुंबई आसपास से विशेष बातचीत करते हुए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कोकण प्रांत संयोजक और कल्याण भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यकारिणी सदस्य जमशेद खान के अनुसार कांग्रेस ने सालो देश पर राज किया,लेकिन कभी अल्पसंख्यको की समस्याओं को गम्भीरता से नही लिया,इन्हें डरा धमका कर या फिर अल्पसंख्यक समाज के मुख्य नेताओं को बरगला कर अपना मतलब साधा, मंशा और लक्ष्य सिर्फ एक वोट बटोरना,
लेकिन केंद्र में सिर्फ साढ़े चार साल पहले सबका साथ,सबका विकास के नारे के साथ मोदी सरकार आई है,और इन साढे चार सालो में देश भर से कही से भी विकास में या फिर अल्पसंख्यको के अधिकार में भेदभाव की खबरे नही आई है. कांग्रेसी के साथ अन्य विरोधी दल निरंतर अल्पसंख्यको से भेदभाव होने के आरोप लागाने का मौका ढूढते रहे,लेकिन उन्हें मौका नही मिला. ज्ञात हो 2 दिन पूर्व दिल्ली में आयोजित अल्पसंख्याक अधिवेशन के दौरान असम से सांसद सुष्मिता देव ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में यह ऐलान किया है अगर कांग्रेस केंद्र की सत्ता में आती है तो वह तीन तलाक कानून को पूरी तरह से रद्द कर दिया जाएगा.
तीन तलाक का कानून विश्व के किसी देश में नही है और सबका साथ सबका विकास के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अभियान में देश की मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक कानून तकलीफदेह है, कांग्रेसियों ने सिर्फ वोट बैंक के लिए कभी इस ओर ध्यान नही दिया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इसे संसद में मंजूरी दिलाने की कोशिश की जिसमे कांग्रेसियों की दोगली निति के कारण अडंगा लग गया है.
राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यर्थी परिषद से जुड़े जमशेद खान के अनुसार देश कांग्रेसियों की निति समझ चुका है.और देश का अल्पसंख्यक समाज भी अपनी भलाई नरेन्द्र मोदी के साथ ही रहने में देख रहा है इसमें खासकर मुस्लिम महिलाओं ने तो पिछले उत्तरप्रदेश में भाजपा का साथ देकर अपना पक्ष जाहिर कर दिया है.अब अगले लोकसभा चुनाव में देश देखेगा,अल्पसंख्यक समाज अब कांग्रेसियों के किसी प्रलोभन में नही आने वाले, पूरा अल्पसंख्यक समाज भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ है.
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