महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन गेमिंग और लॉटरी के प्रचलन पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वर्तमान में राज्य के पास कोई स्वतंत्र कानून नहीं है, इसलिए केंद्र सरकार से नया कानून बनाने का अनुरोध किया गया है, और इस दिशा में लगातार पत्राचार जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा –
“ऑनलाइन गेमिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र को नया कानून बनाने की सिफारिश की गई है। साथ ही, आईटी मंत्रालय द्वारा मौजूदा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कुछ नियमों को अधिसूचित किया गया है, जिनके माध्यम से आंशिक रूप से ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है।”
जानी-मानी हस्तियों से अपील – ऑनलाइन गेमिंग का प्रचार न करें
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात पर विशेष चिंता जताई कि कई प्रतिष्ठित और लोकप्रिय हस्तियाँ ऑनलाइन गेमिंग के विज्ञापन कर रही हैं, जिससे युवा वर्ग को आकर्षित कर व्यसन की ओर ले जाया जा रहा है।
उन्होंने अपील की कि ऐसी प्रभावशाली हस्तियों को इन प्लेटफॉर्म्स का प्रचार नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये मनोरंजन नहीं बल्कि नशे का रूप ले चुके हैं और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डाल रहे हैं।
कानून की अनुपस्थिति बनी चुनौती, लेकिन सरकार सजग
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में लॉटरी, सट्टा और गेमिंग के बीच की सीमाएं धुंधली हो गई हैं, जिससे युवाओं में आर्थिक और मानसिक व्यसन की समस्या गहराने लगी है।
समाजसेवी संगठनों और माता-पिता वर्ग ने भी इस बढ़ती प्रवृत्ति पर नाराजगी जाहिर की है और कानूनी हस्तक्षेप की माँग की है।
जनता की उम्मीद – जल्द आए स्पष्ट कानून
मुख्यमंत्री फडणवीस के वक्तव्य से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस गंभीर समस्या को समझ रही है और केंद्र से आवश्यक पहल की माँग कर रही है।
आशा है कि जल्द ही केंद्र सरकार द्वारा कोई नया कानून या दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे, जिससे इस बढ़ती समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
स्वर्गीय शारदा देवी गुप्ता की पुण्य स्मृति में की जा रही है समाज सेवा अंबरनाथ:…
नई दिल्ली, 21 जून। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने देशभर के IIT पूर्व छात्रों…
भिवंडी, 20 जून: अग्रवाल समाज कल्याण (पंजी.) ने अपनी सेवा और समाज कल्याण की परंपरा…
कल्याण: सेवा और समाज कल्याण के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाते हुए, 'अग्रवाल समाज…
अब आदिवासी इलाकों में बांटी जाएगी शैक्षणिक सामग्री अंबरनाथ: "मानव सेवा ही माधव सेवा है"…
"मानव सेवा ही माधव सेवा है" और "सेवा ही धर्म है" के मूल मंत्र को…