कांग्रेस का आरे में चिपको आंदोलन, कई सामाजिक संस्थाएं समर्थन को आगे आईं
शीतला प्रसाद सरोज
मुंबई। पेड़ों को कटने से बचाने के मकसद से कांग्रेस के लोगों ने गोरेगांव ( पू.) स्थित आरे पिकनिक प्वाइंट पर ‘चिपको आंदोलन’ किया, जिसका कई सामाजिक संस्थाओं ने भी समर्थन किया।
इस मौके पर कांग्रेस कमेटी, मुंबई के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि पर्यावरण के लिहाज से आरे अति संवेदनशील है, ऐसे में यहां कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता। लेकिन महाराष्ट्र की भाजपानित सरकार यहां मेट्रो कारशेड बनाने के नाम पर जंगल के 2 हजार 700 पेड़ों को काटने जा रही है। पेड़ काटना पाप है, हम ऐसा नहीं होने देंगे। आरे है तो हम सब लोग हैं। यह विषय हमारे लिए जिंदगी की लड़ाई जैसा है। उन्होंने कहा कि पेड़ों को कटने से बचाने लिए जिस प्रकार 1973 में पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा ने उत्तराखण्ड में ‘चिपको आंदोलन’ की शुरुआत की थी, उसी प्रकार हम भी आरे के जंगलों के पेड़ों से लिपट कर सरकार की नीतियों को विफल करने का काम करेंगे। हमारा यह आंदोलन हर संडे को होगा, जिसमें पार्टी के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को हिस्सा लेना होगा।

गौरतलब है कि आरे में मेट्रो कारशेड बनाने के लिए पहले 33 एकड़ भूखण्ड आरक्षित किया था। लेकिन अब उसे बढाकर 96 एकड़ भूखण्ड आरक्षित कर दिया गया है। कारशेड को बनाने के लिए लगभग 2 हजार 700 जंगल के पेड़ काटेने के लिए चिन्हित किए गए हैं, जिसका कई राजनैतिक दल और सामाजिक संस्थाओं ने विरोध किया है।
इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी, मुंबई के महासचिव विश्वबंधु राय, उत्तर-पश्चिम जिला अध्यक्ष क्लाईव डायस, श्रीनाईक, विष्णू पाईकराव, अजय यादव, राजकुमार यादव, जय यादव, ताज मोहम्मद,
चंदन, रश्मि मिस्त्री, अमीन मुल्ला, अजीत सुर्वे, गायत्री गुप्ता, दिलीप राजपूत, राज जैन, समीर मुंगेकर, गोविंद आर यादव, संजीव सिंह सहित बड़ी संख्या कई संस्थाओं के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे ।

