राकपा के दोनों गुट भाजपा की राह पर, अजित पवार – शरद पवार मुलाकात के बाद अटकले
राजेश सिन्हा
राज्य की राजनीति में रोज नए और आश्चर्यचकित करने वाले घटनाक्रम घटित हो रहे हैं आज अनपेक्षित ढंग से राज्य के नवनिर्वाचित उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अपने गुट के सभी मंत्रियों और विधायकों को लेकर राकपा सुप्रीमो शरद पवार से वाईवी चौहान सेंटर में मुलाकात की।
इस मुलाकात के बाद राकपा के केंद्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने उपस्थित पत्रकारों को यह बताया की हम बिना कोई पूर्व सूचना दिए अपने पार्टी सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात की। उन्हें हमारे द्वारा की गई गलती के लिए हम सभी ने उनसे माफी मांगी और उन्हें भी हमारे साथ आने का आग्रह किया।
इसके बाद शरद पवार गुटके राकपा प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील वाय बी चौहान सेंटर से बाहर निकले और उन्होंने भी वही बात दोहराई जो पहले प्रफुल्ल पटेल ने की। अपने पूरे लगभग 10 मिनट तक पत्रकारों से बातचीत करने के दौरान जयंत पाटिल ने अंत तक अजित पवार गुटके नेताओं के शरद पवार से मुलाकात पर कोई नकारात्मक वक्तव्य नहीं किया।
उन्होंने इस पर निर्णय लेने का अधिकार राकांपा सुप्रीमो शरद पवार पर छोड़ दिया। प्रफुल्ल पटेल और जयंत पाटील दोनों ने एक शूर से यह कहा कि जब अजित पवार गुट ने शरद पवार से साथ आने का आग्रह किये, इस पर शरद पवार ने ना तो सकरात्मक ना ही नाकारात्मक प्रतिक्रिया दी । शरद पवार के इसी मौन ने राजनैतिक हलको मे चर्चा बढ़ा दी है।
ज्ञात हो कि उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में व्हाई वी चौहान सेंटर पहुंचे राकांपा नेताओं में केंद्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल पटेल, मंत्री छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे, आदिति तटकरे, और नरहरी झिड़वल के साथ बड़ी संख्या में राकपा कोटे के मंत्री और विधायक भी साथ थे। इस दौरान वाईवी सेंटर में शरद पवार के साथ उनकी पुत्री सांसद सुप्रिया सुले, जितेंद्र आव्हाड और जयंत पाटील भी उपस्थित थे। इन दोनों गुटों के नेताओं की आपसी मुलाकात और प्रतिक्रिया से यह साफ हो गया की जल्द ही राकांपा सुप्रीमो शरद पवार भी भाजपा के साथ आ सकते हैं।

