Categories: TOP STORIES

दावड़ी, डोंबिवली में उमड़ा जनसैलाब: सागर विश्वनाथ दुबे ने भरा नामांकन, हिंदी भाषी समाज ने फूंका बगावत का बिगुल

डोंबिवली: कल्याण-डोंबिवली की राजनीति में आज का दिन एक बड़े बदलाव के संकेत दे गया। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और कल्याण डोंबिवली में हिंदी भाषियों में सबसे ज्यादा सक्रिय और विश्वसनीय संस्था ‘हिंदी भाषी जनता परिषद’ के प्रमुख विश्वनाथ दुबे के पुत्र सागर विश्वनाथ दुबे ने आज, 30 दिसंबर को पैनल 31 से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। लेकिन यह नामांकन केवल एक चुनावी औपचारिकता नहीं, बल्कि उन राजनीतिक दलों के खिलाफ ‘अधिकार युद्ध’ की शुरुआत है जिन्होंने हिंदी भाषी समाज के प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज किया है।

हिंदीभाषी ‘वोट बैंक’ या सिर्फ ‘मोहरा’? कल्याण-डोंबिवली में भाजपा के ‘अज्ञात’ आत्मविश्वास का सच!

शक्ति प्रदर्शन: तुकाराम चौक पर दिखा समाज का एकजुट चेहरा

आज सुबह से ही दावड़ी के तुकाराम चौक पर भारी संख्या में हिंदी भाषी समाज के लोग एकत्रित हुए। सागर दुबे के समर्थन में उमड़ी यह भीड़ साफ संदेश दे रही थी कि अब यह समाज केवल ‘वोट बैंक’ बनकर नहीं रहेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे गुट और भाजपा द्वारा सागर दुबे को टिकट न देना एक ऐसी रणनीतिक चूक साबित हो सकती है, जिसका खामियाजा आगामी निकाय चुनावों में महायुति को भुगतना पड़ेगा।

सत्ता में हिस्सेदारी की मांग, उपेक्षा पर तीखा प्रहार

क्षेत्र के नागरिकों और हिंदी भाषी समाज के दिग्गजों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि पार्टियां वोट तो उत्तर भारतीयों से मांगती हैं, लेकिन जब सत्ता में भागीदारी की बात आती है, तो उन्हें ठग लिया जाता है।

हमने हमेशा पार्टियों का झंडा उठाया, लेकिन जब हमारे युवाओं को नेतृत्व देने की बारी आई, तो हमें दरकिनार कर दिया गया। सागर दुबे का नामांकन इसी सौतेले व्यवहार को समाज का करारा जवाब है।” 

हिंदी भाषी समाज प्रतिनिधि मतभेद भुलाकर एक मंच पर आए

आज के नामांकन की सबसे खास बात यह रही कि लोग अपनी राजनीतिक भिन्नताओं और आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ नजर आए। ‘मतलबी राजनीति’ को सबक सिखाने के ध्येय से युवाओं और बुजुर्गों ने कंधे से कंधा मिलाकर सागर दुबे को अपना आशीर्वाद दिया।

KDMC Election: उत्तर प्रदेशीय महासंघ का बड़ा एलान, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हिंदी भाषियों को देगा समर्थन

समीकरण बिगाड़ने को तैयार ‘स्वतंत्र’ दावेदारी

सागर विश्वनाथ दुबे के इस साहसी कदम ने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। एक नवयुवक का यह उत्साह और उसके पीछे खड़ा संगठित समाज अब बड़ी पार्टियों की नींद उड़ाने के लिए काफी है। आज का यह नामांकन समारोह इस बात की तस्दीक करता है कि अब डोंबिवली का हिंदी भाषी समाज अपने सम्मान के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

 

rajesh

Share
Published by
rajesh

Recent Posts

डोंबिवली: मनसे का नाम लेकर व्यापारी से 32 लाख की रंगदारी, घर में घुसकर मारपीट और महिला से बदसलूकी

डोंबिवली: महाराष्ट्र के डोंबिवली में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां महाराष्ट्र…

2 weeks ago

अग्रवाल समाज कल्याण की अनूठी पहल: 30 मई को वृद्धाश्रम के बुजुर्गों और गौशाला की गौमाताओं को दी जाएगी बड़ी सहायता

अंबरनाथ/बदलापुर। नर सेवा ही नारायण सेवा है और जीव दया ही सबसे बड़ा धर्म है।…

2 weeks ago

कल्याण स्टेशन पर सुरक्षा की बड़ी चूक: प्याऊ से ‘कंप्रेसर’ चोरी, सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

कल्याण: मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त जंक्शनों में शुमार कल्याण स्टेशन पर एक ऐसी घटना…

4 weeks ago

कल्याण रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा में सेंध: प्याऊ से कंप्रेसर चोरी, यात्रियों को बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज करने की साजिश

कल्याण: मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक, कल्याण स्टेशन पर…

1 month ago

कल्याण: सेवानिवृत्त DCP के खिलाफ मामला दर्ज, महिला पर गाड़ी चढ़ाने और प्रताड़ना का आरोप

कल्याण (पश्चिम): वल्लभ टावर सोसाइटी में रहने वाले एक सेवानिवृत्त पुलिस उपायुक्त (DCP), बी. एल.…

2 months ago