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KDMC Election: उत्तर प्रदेशीय महासंघ का बड़ा एलान, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हिंदी भाषियों को देगा समर्थन

कल्याण:

कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका (KDMC) के आगामी चुनावों को लेकर उत्तर प्रदेशीय महासंघ ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। ‘मुंबई आसपास‘ से हुई एक विशेष बातचीत में महासंघ के कल्याण जिला अध्यक्ष बी.बी. सिंह ने घोषणा की है कि संगठन इस बार किसी विशेष दल के बजाय ‘हिंदी भाषी प्रतिनिधित्व’ को प्राथमिकता देगा।

प्रमुख रणनीतिक बिंदु:

* बिना शर्त समर्थन: महासंघ ने स्पष्ट किया है कि जो भी राजनीतिक दल हिंदी भाषी उम्मीदवारों को टिकट देगा, महासंघ उस प्रत्याशी को बिना किसी शर्त के अपना पूर्ण समर्थन देगा और संबंधित वार्ड में सक्रिय रूप से चुनाव प्रचार करेगा।

* सक्षमता ही आधार: यदि किसी एक प्रभाग (वार्ड) में विभिन्न दलों से एक से अधिक हिंदी भाषी प्रत्याशी मैदान में होते हैं, तो महासंघ वहां के समीकरणों का आकलन करेगा। जो प्रत्याशी सबसे अधिक सक्षम और प्रभावी होगा, महासंघ उसी के पक्ष में अपनी पूरी ताकत झोंकेगा।

* सदन में बुलंद होगी आवाज: जिला अध्यक्ष सिंह के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य मनपा सदन में हिंदी भाषियों की संख्या बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि प्रशासन में हमारे समाज का प्रतिनिधित्व बढ़े, ताकि क्षेत्र में रह रहे लाखों हिंदी भाषियों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया जा सके।”

मजबूत संगठनात्मक ढांचा

बी.बी. सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेशीय महासंघ की जड़ें कल्याण-डोंबिवली के लगभग हर प्रभाग में फैली हुई हैं। संगठन के कार्यकर्ता सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। अब कार्यकर्ताओं को केवल राजनीतिक दलों द्वारा हिंदी भाषी उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने का इंतजार है।

महासंघ दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल समाज के हितों को सर्वोपरि रखेगा। हमारा प्रयास है कि महानगर पालिका में हिंदी भाषियों का एक मजबूत नेतृत्व तैयार हो।”

 बी.बी. सिंह, जिला अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय महासंघ (कल्याण)