FEATURED

सभी नियमों को ताक पर रख कर चलते हैं कल्याण डोम्बिवली के ऑटो  रिक्शा चालक

डोम्बिवली – कल्याण – डोम्बिवली के ऑटो रिक्शा चालकों द्धारा हर दिन यात्रियों से मारपीट और दुर्व्यवहार की खबरें आती रहतीं हैं। कई बार आर टी ओ ने भी इन घटनाओं को देखते हुए ऑटो चालकों पर कार्रवाई की है। फिर भी ऑटो चालकों किसी का भी भय नहीं है। कल्याण डोम्बिवली में तो सभी नियमों को अपने पैरों तले रौंदते हुए ऑटो चालक चार सीट के सिवा स्टैंड से हिलते ही नहीं हैं।
हलाकि केंद्र सरकार ने ३ अगस्त २०१६ को मोटर मोटर गाडी सुधार कानून २०१६ के तहत रिक्शा चालको के लिए प्रस्तावित ३ सवारी से अधिक सवारी रिक्शा में भरने पर प्रति सवारी १००० रुपये प्रति सवारी दंड स्वरूप वसूले जाने का प्रावधान है.लेकिन इस कानून का पालन कल्याण डोम्बिवली के रिक्शा चालक तो नही ही करते है, ट्राफिक पुलिस भी इस और जानबूझ कर ध्यान नही देती है.
किसी यात्री ने यदि इस मनमानी का विरोध करने की कोशिश की तो यात्री के साथ गाली गलौज तथा मारपीट तक करने से यह ऑटो चालक पीछे नहीं हटते। इतना ही नहीं कल्याण – डोम्बिवली के अधिकतर ऑटो चालकों के पास वैध कागजपत्र भी नहीं हैं। फिर भी ना तो यातायात विभाग और ना ही आर टी ओ कोई कड़क कार्रवाई करता है।
यदि खानापूर्ति के लिए कभी कार्रवाई की भी जाती है तो रिक्शा यूनियन के प्राधिकारियों के रूप में लोकप्रतिनिधि अड़ंगा डालने खड़े हो जाते हैं। गौरतलब हो कि जितनी भी रिक्शा यूनियन हैं सबके मुख्य कर्ता धर्ता या तो विधायक हैं या फिर नगरसेवक हैं।  ऐसे में कार्रवाई करना पुलिस को भी परेशानी में डाल देता है। रोज़ाना ऑटो से यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि मनमाने तरीके से किराय में बढ़ोतरी करना यूनियन का नित्य काम हो गया है।
कहने को ऑटो रिक्शा प्रवाशी संघ कार्यान्वित है मगर इस संघ का कोई मतलब ही नहीं है।  क्योंकि यात्रियों की शिकायतों पर कभी भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। स्टैंड छोड़ कर भाड़ा भरना और कतार में लगे होने के बावजूद भाड़ा नकारना रोज़ की ही बात है।  इन सबकी वजह से यात्रीगण परेशान हैं मगर यात्रियों की सुनता कौन है ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *