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ग्राम स्वच्छता के लिए गंगा ग्राम एक आदर्श प्रारूप होगा

केंद्रीय पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि बेहतर स्‍वच्‍छता के लिए सतत आचरण प्रत्‍येक व्‍यक्ति की जिम्‍मेदारी है। वे कल चव्‍यन ऋषि आश्रम में आयोजित गंगा ग्राम स्‍वच्‍छता सम्‍मेलन को संबोधित कर रही थी। चव्‍यन ऋषि आश्रम बिहार के बक्‍सर जिले के चौसा गांव में स्थित है। लगभग 4000 स्‍वच्‍छाग्रहियों, गंगा स्‍वयंसेवकों, युवा संगठनों के सदस्‍यों, छात्रों, महिला समूहों और आम नागरिकों में इस सम्‍मेलन में भाग लिया।

गंगा ग्राम एक विचार है, जो गंगा तट पर बसे गांव को आदर्श गांव में परिणत करने से संबंधित है। इसके तहत खुले में शौच से मुक्ति, ठोस और द्रव कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, भूजल स्‍तर को बेहतर बनाना, आधुनिक शवदाह गृह, वृक्षारोपण, जैविक और औषधीय पौधा रोपण आदि को शामिल किया गया है। गंगा तट पर बसे 4465 गांवों को खुले में शौच से मुक्‍त घोषित करने के बाद पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय इस क्षेत्र की ओडीएफ स्थिति को बनाए रखने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस संबंध में सुश्री उमा भारती ने बक्‍सर जिले को खुले में शौच से मुक्‍त बनाने के लिए जिला टीम व पंचायत प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने इस तथ्‍य को रेखांकित करते हुए कहा कि 95 प्रतिशत की राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छता कवरेज की उपलब्धि हासिल करके भारत ने पूरी दुनिया के समक्ष सरकार की प्रतिबद्धता को दिखलाया है। राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छता कवरेज पहले मात्र 39 प्रतिशत थी। उन्‍होंने लोगों से एसएलडब्‍ल्‍यूएम गतिविधियों में भाग लेने, इधर-उधर कचरा न फेंकने, जल स्रोतों को प्रदूषित न करने, कचरा प्रबंधन का ध्‍यान रखने तथा जैविक कृषि को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

इस सम्‍मेलन में विधायक मुन्‍ना तिवारी, केंद्र तथा राज्‍य सरकार के उच्‍चाधिकारी और आसपास के पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय इस महीने के दौरान गंगा ग्राम स्‍वच्‍छता सम्‍मेलन की एक श्रृंखला आयोजित कर रहा है।

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