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शायद अंग्रेज हिंदुस्तान नेहरु खानदान के नाम कर गए थे,अब एक गरीब मां का बेटा राजगद्दी पर कैसे बैठा ?ये उन्हें हजम नही हो रही.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सरगुजा के जिला मुख्यालय अंबिकापुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस को चुनौती दी है कि यदि कांग्रेस में लोकतंत्र है तो वह कम से कम पांच साल के लिए परिवार से बाहर किसी को पार्टी का अध्यक्ष बना दे। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार ” उन्हें लगता है कि अंग्रेज हिंदुस्तान नेहरु खानदानर के नाम पर लिख कर गए थे। लेकिन यह बात अब उनके गले नहीं उतर रही है कि एक गरीब मां का बेटा उस राजगद्दी पर कैसे बैठ गया जो अंग्रेजों ने विरासत में उन्हें सौंपी थी।”

मोदी ने कहा कि जब तक आप हिंदुस्तान के लोकतंत्र को नहीं समझोगे तब तक आप इस चाय वाले को दिन-रात गाली देते रहोगे। हिंदुस्तान का लोकतंत्र हिंदुस्तान की आवाम में है।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लोकतंत्र में आपकी श्रद्धा के कारण, आप दावा करते हैं कि पंडित नेहरू के कारण मोदी देश का प्रधानमंत्री बन गया है। एक चाय वाला प्रधानमंत्री बन गया है। तब एक बार कम से कम पांच साल के लिए आपके परिवार (गांधी परिवार) के बाहर के किसी अच्छे कांग्रेस नेता को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बना दो। मैं मान लूंगा कि नेहरू जी ने ऐसी लोकतांत्रिक परंपरा पैदा की थी जिसके कारण कोई समर्पित कांग्रेसी पार्टी का अध्यक्ष बन पाया।’’

छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के लिए अंबिकापुर पहुंचे मोदी ने कहा कि “एक चाय वाले को प्रधानमंत्री बनाने का श्रेय, मोदी को नहीं, भारतीय जनता पार्टी को नहीं बल्कि सवा सौ करोड़ देशवासियों को जाता है।” उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस की चार पीढ़ियों को परखा है। उनकी चार पीढ़ियों ने देश के लिए क्या काम किया इसका हिसाब कांग्रेस को देना चाहिए। कांग्रेस पहले चार पीढ़ी का हिसाब दे। ‘‘मैं तो हर दिन साढ़े चार साल का हिसाब देता हूं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को पता है कि सरकार में आना नहीं है इसलिए वादे करने में क्या जाता है। छत्तीसगढ़ बनने से पहले कांग्रेस ने चुनाव में जो वादे किए थे उसमें से 62 फीसदी से ज्यादा वादों को उन्होंने पूरा नहीं किया।

नोटबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि “जनता का धन बोरियों में बंद होता था, बिस्तर के नीचे छुपाकर रखा जाता था लेकिन जैसे ही ये धन निकला देखिए कितनी तेजी से काम हो रहा है। कोई बिस्तर में नोट बिछाकर रखते थे, कोई अन्य जगहों पर रखते थे लेकिन मोदी ने नोटबंदी करके ये उनका सारा माल निकाल लिया। यहां बैठा कोई व्यक्ति नोटबंदी के लिए रो नहीं रहा है। केवल एक परिवार रो रहा है। देश की जनता से बेईमानी से लूटा हुआ उन्हें लौटाना ही होगा। यह काम जारी रहेगा।” उन्होंने कहा बैंकों का राष्ट्रीयकरण जरूर हुआ लेकिन बैंक का द्वार गरीब लोगों के लिए नहीं खुला। लेकिन आज देश में करोड़ों गरीबों का अपना बैंक खाता है।

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