ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने ऐसे 22 अध्ययनों की समीक्षा की जिसमें बुजुर्गों में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर योग के असर की जांच की गयी थी। जिसमे यह पता चला है कि योगाभ्यास करने से बुजुर्गों में मांसपेशियों की मजबूती और संतुलन को बढ़ाया जा सकता है साथ ही इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार हो सकता है।
सांख्यिकी विश्लेषण में अध्ययनों के नतीजों को शमिल किया गया जिसमें क्रियाशील नहीं रहने वाले बुजुर्गों, टहलने और चेयर एक्रोबिक्स जैसी अन्य गतिविधियों में शामिल बुजुर्गों की तुलना की गयी।
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय से दिव्य शिवरामकृष्णन ने कहा, ‘‘इस अध्ययन के आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं कि योग में बुजुर्गों में महत्वपूर्ण शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक व्याधियों में सुधार करने की असीम संभावना है। ऐसे में बढ़ते उम्र के साथ योगाभ्यास रामबाण साबित हो सकता है.
योग एक सहज क्रियाकलाप है जिसमें उम्र संबंधी स्थितियों और बीमारियों के अनुरूप बदलाव किया जा सकता है।’’ अन्य गतिविधियों की तुलना में योग शरीर के निचले हिस्से में मजबूती, लचीलापन में सुधार करता है और अवसाद को दूर करता है।
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