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IITians के सुझावों से होंगे देश में सुधार, संसद की समितियों तक पहुंचाए जाएंगे प्रस्ताव: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

नई दिल्ली, 21 जून। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने देशभर के IIT पूर्व छात्रों (IITians) से विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों के लिए ठोस सुझाव देने और आम लोगों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हर क्षेत्र में सुधारों का अभियान चल रहा है और IITians अपने अनुभव व विशेषज्ञता के बल पर इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

श्री बिरला शनिवार को नई दिल्ली स्थित IIT दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां Pan IIT Alumni India द्वारा “IIT: The Story of India’s Most Prestigious Educational Ecosystem” पुस्तक का लोकार्पण तथा PanIIT Book Club का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम IIT पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

देश और विदेश में फैले 23 IIT संस्थानों के पांच लाख से अधिक पूर्व छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला Pan IIT Alumni India आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली एलुमनाई नेटवर्क में से एक माना जाता है। यह संगठन नवाचार, उद्यमिता, नीति निर्माण और तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

संसद की स्थायी समितियों तक पहुंचेंगे IITians के सुझाव
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश के विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर IITians द्वारा दिए गए उपयोगी सुझावों को संबंधित संसदीय स्थायी समितियों तक पहुंचाया जाएगा ताकि उन पर विचार-विमर्श किया जा सके।

उन्होंने कहा, “हमारी संसद की स्थायी समितियों को आपके अनुभवों का लाभ मिलना चाहिए। किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और उन्हें किस प्रकार लागू किया जा सकता है, इस संबंध में आपके सुझाव देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

कार्यक्रम में 400 से अधिक प्रतिष्ठित IIT पूर्व छात्र, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, छात्र और उद्यमी उपस्थित थे।

हर चुनौती के समाधान की उम्मीद IITs से

श्री बिरला ने कहा कि जब भी देश किसी बड़ी चुनौती का सामना करता है, तब लोगों की निगाहें IITs की ओर जाती हैं।

उन्होंने कहा, “चाहे कोविड-19 जैसी महामारी हो, बुनियादी ढांचे की चुनौतियां हों, पर्यावरण संरक्षण का विषय हो, विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का क्षेत्र हो, या फिर डिजिटल दुनिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स की चुनौतियां—इन सभी के समाधान भारत के IITs से निकलते हैं।”

उन्होंने IITians से आग्रह किया कि वे अपनी सोच, अनुभव और नवाचार के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित करें ताकि वे भी आम नागरिकों, किसानों और समाज की समस्याओं के समाधान में योगदान दे सकें।

विकसित भारत 2047 में IITs की अहम भूमिका
अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ने भारत की ज्ञान परंपरा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में IITs के योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अनुसंधान, तकनीक और युवाओं की शक्ति निर्णायक भूमिका निभाएगी।

PanIIT Book Club का शुभारंभ, पुस्तक का लोकार्पण
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण PanIIT Book Club का शुभारंभ रहा। इस मंच का उद्देश्य IITians की साहित्यिक और बौद्धिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर Pan IIT Alumni India के अध्यक्ष एवं भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के वरिष्ठ अधिकारी प्रभात कुमार द्वारा लिखित पुस्तक “IIT: The Story of India’s Most Prestigious Educational Ecosystem” का विमोचन किया गया। पुस्तक में पिछले 75 वर्षों में IIT प्रणाली के विकास और भारत की प्रगति में उसके योगदान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।

प्रभात कुमार ने कहा, “IIT की कहानी वास्तव में भारत की कहानी है। यह पुस्तक हमारी गौरवशाली विरासत का उत्सव भी है और नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक आह्वान भी। अब समय आ गया है कि IITians केवल सिलिकॉन वैली तक सीमित न रहें, बल्कि भारत में रहकर निर्माण करें, विस्तार करें और दुनिया के लिए समाधान विकसित करें।”

आत्मनिर्भर तकनीक की दिशा में IITs की बड़ी जिम्मेदारी
गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग के सचिव राजेंद्र कुमार, IAS ने अपने विशेष संबोधन में तकनीकी आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर उन्नत तकनीकों तक पहुंच को लेकर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत को अपनी तकनीकी क्षमता विकसित करनी होगी।

उन्होंने कहा, “यदि दुनिया की अग्रणी शक्तियां महत्वपूर्ण तकनीकों तक पहुंच सीमित करती हैं, तो भारत को स्वयं तकनीकी अग्रिम पंक्ति तक पहुंचने की दिशा में कार्य करना होगा। 2047 तक भारत को विश्वस्तरीय डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में IITs की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।”

‘विकसित भारत’ के भविष्य पर मंथन

कार्यक्रम में सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने अपने विचार रखे। “Celebrating the IIT Legacy: Shaping the Future of Viksit Bharat” विषय पर आयोजित विशेष पैनल चर्चा में तकनीक, स्टार्टअप, नवाचार और आर्थिक विकास के भविष्य पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) देवेश श्रीवास्तव, IPS तथा मैकिंजी एशिया पैसिफिक के चेयरमैन और IIT दिल्ली के पूर्व छात्र गौतम कुमरा सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।

पैनल चर्चा में रवि शंकर (Decision Point), मधुर सिंघल (Praxis), नीरज कुमार (PeakMind in) और कपिल माखिजा (Unicommerce) ने भाग लिया। चर्चा का संचालन तान्या सिंघल, इंडिया हेड, ग्लोबल एनर्जी एलायंस ने किया।

कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग सत्र और अतिथियों के बीच संवाद के साथ हुआ, जिसमें नवाचार, उद्यमिता, नीति निर्माण और राष्ट्र निर्माण में IIT समुदाय की भूमिका को और मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया।