शास्त्रीनगर अस्पताल की समस्या को गंभीरता से नही ले रहे सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे.
कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में सीमित सुविधाएं ही उपलब्ध है इसमें अस्पताल में डॉक्टर, असिस्टेंट डॉक्टर, नर्स, वार्डबॉय, सफाई कर्मचारी की भारी कमी की शिकायत अस्पताल प्रबंधन ने कल्याण मनपा आयुक्त गोविन्द बोडके को लिखित रूप में दिया है बावजूद इन शिकायतों को दूर करने के 3 दिन पूर्व स्थानीय सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने अस्पताल में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) अनुबंध के तहत चिकित्सा जांच में उपयोगी विभिन्न मशीनरी लगाए जाने की घोषणा की है
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लेकिन शास्त्री नगर अस्पताल के डॉक्टरों का मानना है की जब इस अस्पताल में आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभाग के डॉक्टर ही नहीं है तो इन चिकित्सा जांच मशीनों का क्या उपयोग. उनके अनुसार चुनाव नजदीक आते देख सांसद महोदय डॉ श्रीकांत शिंदे जल्दी बाजी में यह निर्णय ले रहे हैं अस्पताल में सबसे पहले विभिन्न विभागों के डॉक्टर की बहाली प्राथमिकता से जरूरी है भले ही इन डॉक्टरों की बहाली कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाए अन्यथा इन चिकित्सा जांच के लिए लगाए जाने वाले करोड़ के मशीनरी का क्या फायदा, जब डॉक्टर ही नहीं है तो फिर मरीजों को जांच के लिए इस विभाग में कौन भेजेगा ??.
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अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिमित सुविधाओ के बावजूद डोम्बिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में रोज ७०० से १००० विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीज आते है. शास्त्री नगर अस्पताल पर कल्याण के रुक्मिणी बाई अस्पताल से ६० प्रतिशत ज्यादा लोड है,यहाँ डोम्बिवली के २७ गावो के साथ दिवा से भी नियमित मरीज आते है.जबकि अस्पताल में कोई भी आपरेशन करने वाले सर्जन या फिर फिजिशियन नहीं है. सिर्फ एक महिला रोग विशेषज्ञ डाक्टर यहाँ आने वाली सकडो महिला रोगी की जाँच करती है.और यहाँ की प्रसूति गृह भी सम्भालती है.अस्पताल सूत्रों के अनुसार इन सिमित साधनों में ही यहाँ हर महीने २०० से ३०० माओ का सफल प्रसूति कराया जाता है.
शास्त्री नगर अस्पताल प्रबन्धन ने मनपा आयुक्त को लिखे पत्र के अनुसार अस्पताल में ३ स्त्रीरोग विशेषज्ञ की आवश्यकता है जबकि १ ही स्त्रीरोग विशेषज्ञ डाक्टर है,इसी तरह कम से कम ३ बालरोग विशेषज्ञ डाक्टर की,२ पूर्णकालिक सर्जन, २ फिशिसियन, २ रेडिओलोजीस्टकी नितांत आवश्यकता है.इसके साथ १३ पुरुष और १६ महिला सफाई कर्मी,७ वार्ड इन्चार्ज हेड सिस्टर,१० स्टाफ नर्स,१० वार्डबाय,१० लेडीज नर्स,और १० स्ट्रेचेर अटेंडेंट की बेहद जरूरत है.
इसके साथ अस्पताल प्रबंधन के पास अपनी कार्डियक एम्बुलेंस सुबिधा नही है और ठाकुर्ली डोम्बिवली और दिवा रेलवे स्टेशन के ट्रेको के दौरान होने वाली रेलवे दुर्घटनाओ में घायलों को इसी अस्पताल में लाया जाता है अस्पताल सूत्रों के अनुसार रेलवे दुर्घटनाओ में घायल ज्यादातर लोगो के सर में चोट लगी रहती है,ऐसे में उन्हें तुरंत सर्जन के साथ आय सी यू की आवश्यकता हैजो यहाँ नही है. इसीलिए यहाँ आनेवाले रेलवे ट्रक पर घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देकर अन्य अस्पतालों में रेफर करना मजबूरी बन जाती है,और इन घायलों को अन्य अस्पताल में भेजने के लिए आवश्यक कार्डीयक एम्बुलेंस के नही होने से मरीजो को महंगे कीमत देकर निजी कार्डीयक एम्बुलेंस से अन्य अस्पतालों में जाना पड़ता है.
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डाक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ के आभाव में चल रहे अस्पताल में आय सी यू के साथ एन एस यु की सुविधा भी नही है जहा प्रसूति के बाद जच्चा के साथ बच्चे को किसी तरह की तकलीफ हो तो सम्बन्धित परिवार को इलाज के लिए अन्य अस्पताल में भाग दौड़ करना पडता है.
कल्याण से सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने गत रविवार को इस अस्पताल में पीपीपी अनुबंध के तहत विभिन्न चिकित्सा जाँच सुविधा देने वाली मशीनरी लगवाने का भूमिपूजन तो कर दिया.लेकिन इस अस्पताल में आवश्यक मुलभुत जरुरतो पर गंभीरता नही दिखाई.लोकसभा चुनाव के कुछ ही दिन शेष है ऐसे में अपने कार्यकाल के अंतिम महीनो में भी महज घोषणा बाजी मतदाताओं से धोखेबाजी मानी जाएगी.
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