डोंबिवली औद्योगिक क्षेत्र के फेज वन और फेस टू में 100 से अधिक कपड़ा प्रोसेसिंग यूनिट है। इस कंपनियों में हजारों की संख्या में कामगार दिन और रात दोनों शिफ्ट में काम करते हैं लेकिन कपड़ा प्रोसेस कंपनियों में इन कामगारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम नहीं है। जिससे आए दिन कामगारों के दुर्घटनाग्रस्त और मौत होने की खबरें आती रहती हैं।
कपड़ा प्रोसेसिंग कंपनी में कंपनी मालिक सरकारी नियमों को ताक पर रखकर कंपनी के अंदर निर्माण कार्य कर रखा है इस बारे में भी सरकारी अधिकारियों का ध्यान नहीं है। इन्हीं सभी मुद्दों पर महानगर सफाई कर्मचारी संघ के ठाणे जिला उपाध्यक्ष बाबासाहेब उर्फ दत्ता दराडे ने संबंधित सभी सरकारी विभागों को 2 महीने पहले पत्र लिखकर यथाशीघ्र इन दोषी कंपनियों को पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी।
लेकिन इस बारे में संबंधित सरकारी विभागों से ना तो उन्हें कोई जवाब आया है नाही इन दोषी कंपनियों पर कोई कार्रवाई की गई है। इसके विरोध में महानगर सफाई कर्मचारी संघ के तरफ से संबंधित सरकारी विभाग के विरोध में उग्र आंदोलन किए जाने की चेतावनी संघ के उपाध्यक्ष दत्ता दराडे ने पत्र द्वारा दी है।
महानगर सफाई कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष दराडे के अनुसार यहां की कपड़ा प्रोसेसिंग कंपनी के बॉयलर की चिमनी की देखरेख और संचालन में कपनी प्रबंधन पूरी तरह से लापरवाही बरतता है। इसमें आवश्यक मेंटेनेंस और इसमें लगने वाले सामग्री भी समय-समय पर नहीं बदली जाती है।
जिससे औद्योगिक क्षेत्र और उसके पास आसपास का क्षेत्र प्रदूषित रहता है।इसके साथ चिमनी की अच्छे ढंग से देखरेख नहीं किए जाने के कारण कंपनी में लगातार दुर्घटनाएं होती है अभी ढाई महीने पहले डोंबिवली एमआईडीसी के फेज 1 स्थित जय इंडस्ट्रीज कंपनी में हुए दुर्घटना का कारण भी चिमनी ही था जिसमें ६ कामगार जल गए थे।
महानगर कर्मचारी संघ के दत्ता दराडे के अनुसार यहां की सभी कपड़ा प्रोसेस कंपनियां अपने कंपाउंड में एमआईडीसी द्वारा पास नक्शे को पूरी तरह से नजरअंदाज कर निर्माण कार्य किया गया है।
जिससे यहां की सभी कपड़ा प्रोसेसिंग कंपनी में दुर्घटना होने पर एंबुलेंस या फिर फायर बिग्रेड की गाड़ी कंपनी के अंदर नहीं जा सकती है। जबकि सरकारी नियमों के अनुसार कंपनी का निर्माण कार्य ऐसा होना चाहिए, जिसमें एंबुलेंस और फायर बिग्रेड की गाड़ी कंपनी के चारों तरफ घूम सकें।
महानगर कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष दराडे के अनुसार यहां की कोई भी कपड़ा प्रोसेसिंग कंपनी अपने कामगारों को हैंड ग्लव्स, गम बूट, हेलमेट नहीं देती है।जबकि इन कंपनियों में बड़े पैमाने पर रसायन का भी उपयोग होता है और उन कामगारों को चमडे संबंधित अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ता रहता है।
इसी तरह इन कंपनियों में आवश्यक सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति ना होना दुर्घटना के दौरान जान बचाने के लिए कंपनी में इमरजेंसी गेट का ना होना जैसी अनेक प्रश्न है जिस पर यहां का सरकारी महकमा पूरी तरह से मौन है।
संघ के उपाध्यक्ष दराडे ने इस बारे में संबंधित सरकारी अधिकारियों को यहां की कंपनियों का लिस्ट भी दिया है जिस पर सरकारी विभाग के तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
एमएमतथा इस बारे में कोई जवाब भी कर्मचारी संघ कार्यालय में नहीं आया है इससे संबंधित सरकारी अधिकारियों का की भ्रष्ट नीति उजागर होती है। इसी के विरोध में कर्मचारी संघ के तरफ से उग्र आंदोलन किए जाने की चेतावनी का पत्र महानगर सफाई कर्मचारी संघ द्वारा जारी किया गया है
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