राज्य में वित्तीय हेराफेरी के मामले अब विशेष सीबीआई अदालतों में
मुंबई, दि. 8
राज्य में वित्तीय हेराफेरी के मामलों की सुनवाई अब विशेष सीबीआई अदालतों में की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को अदालतों में दायर मामलों के तुरंत निपटारे के लिए विभिन्न राज्यों में 22 विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया था।
इसी के तहत केंद्र सरकार ने राज्य में तीन कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, एक मुंबई में और दो नागपुर में, बाद में यह संख्या बढ़ा दी गई। वर्तमान में राज्य में 12 सीबीआई विशेष अदालतें कार्यरत हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजा है कि वित्तीय कदाचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द एक विशेष अदालत में की जानी चाहिए और उसी के अनुसार यह निर्णय लिया गया है।
2013 में राज्य सरकार ने फैसला किया था कि विशेष अदालत में केवल सीबीआई द्वारा दायर मामलों की सुनवाई की जाएगी और किसी अन्य मामले की सुनवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, मई में ईडी के विशेष निदेशक ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर कहा था कि लंबित मामलों को सीबीआई विशेष अदालतों को आवंटित किया जाए ताकि पीएमएलए के तहत दर्ज मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सके। तदनुसार, राज्य सरकार ने पहले के फैसले को बदल दिया है और अब पीएमएलए के तहत मामले सीबीआई अदालतों में चलाने का फैसला किया है।

