मुंबई हाई कोर्ट से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सोहराबुद्दीन मामले में राहत
गुजरात के सोहराबुद्दीन इनकाउंटर मामले में मुंबई हाई कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को राहत दी है बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा दायर की गई याचिका को हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पास कोई ठोस आधार नहीं होने का कारण बताते हुए यह जनहित याचिका निरस्त कर दी है
ज्ञात हो कि सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले में सीबीआई के विशेष न्यायालय ने दिसंबर 2014 में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को इस मामले से दोषमुक्त कर दिया था इस मामले को इस निर्णय को सीबीआई के उच्च न्यायालय ने कोई विरोध नहीं किया था सीबीआई की भूमिका के विरोध में बॉम्बे लायर्स एसोसिएशन ने मुंबई हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी और इसमें सीबीआई के निचली अदालत के निर्णय को गलत बताने की मांग की गई थी
ज्ञात हो कि सोहराबुद्दीन और उसकी उसकी पत्नी कौसर भी को गुजरात पुलिस के आतंक विरोधी दस्ते ने द्वारा गिरफ्तार करने का आरोप लगा था और पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन से सोहराबुद्दीन के संबंध होने का दावा गुजरात पुलिस ने किया था. नवंबर 2005 में सोहराबुद्दीन को गांधीनगर के पास एक इनकाउंटर में मार दिया गया था
इस एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए इसमें गुजरात के तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह का भी हाथ होने का आरोप लगा था इस मामले में वर्ष 2014 के दिसंबर में न्यायालय ने अमित शाह को पूरी तरह से दोषमुक्त कर दिया था बावजूद इसके मुंबई लायर्स एसोसिएशन नेएक जनहित याचिका दायर कर इस मामले की फिर से सुनवाई करने की मांग की थी जिस पर हाईकोर्ट ने आज यह निर्णय सुनाया

