अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की साहित्यिक पिकनीक सम्पन्न
अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की तरफ से हर वर्ष की तरह वार्षिक पिकनिक साहित्यिक और पर्यटन इस वर्ष यूसुफ़ मेहरअली में गई थी.- अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच प्रमुख व् वरिष्ठ समाज सेविका ओर लेखिका अलका पाण्डेय ने बताया कि दो दिवसीय पिकनिक मैं साहित्य क्षेत्र से देश भर से ३५ लोगो ने सहभागिता ली.

मंच के प्रमुख अलका पाण्डेय के अनुसार प्रथम दिन के पहले सत्र -सबके परिचय से सम्पन्न दूसरा सत्र काव्य प्रतियोगिता का था जिसका विषय (बरसात आई )इस सत्र का संचालन पवन तिवारी ने किया इस सत्र की अध्यक्षता विजय भटनागर और अतिथी त्रिलोचन सिंह अरोडा ,लालबहादूर यादव, अरुण प्रकाश मिश्र और ओमप्रकाश पाण्डेय के उपस्थिति में सम्पन्न हुआ. इस प्रतियोगिता के प्रथम पुरस्कार कवि पवन तीवारी को दूसरा आभा झा और तिसरा पुरस्कार सुशील शुक्ला जी को उनके अच्छी रचनाओं के लिए दिया गया.

तिसरे सत्र का विषय – लघुकथा के लेखन व शिल्प पर मार्ग दर्शन था. जिसके अधयक्ष – ओमप्रकाश पाण्डेय और सुशील शुक्ला अतिथी के रूप में उपस्थित थे.इस सत्र में वक्ता सेवासदन और आभा झा ( रायपुर से पधारी ) ने बहुत ही बारिकीयो से लघुकथा की विषय वस्तु , शिल्प तथा पंच लाईन कैसी होनी चाहिये पर अच्छे से मार्गदर्शन किया

चौथा सत्र लघुकथा लेखन स्पर्धा का था जिसमे विषय – जन्मोत्सव रखा गया था. इसमें सर्व श्रेष्ठ लघुकथा लेखन का पुरस्कार अभिलाज को दूसरा पुरस्कार – रामप्यारे रघुवंशीय को और तिसरा पुरस्कार निरजा ठाकुर को दिया गया. इसके साथ अन्य श्रेष्ठ रचनाये के लिए विजय कुमार भटनागर, अरुण प्रकाश मिश्र को भी पुरस्कृत किया गया.

पाँचवा सत्र – था योग का हमारे जीवन मे क्या महत्व है जिसमे प्रमुख वक्ता – रामप्यारे रघुवंशीय, और अधयक्ष अरुण प्रकाश मिश्र थेइस कार्यक्रम में चंदा चक्रवर्ती व कमल पाटील अतिथी के रूप में उपस्थित थे.व्यस्त जीवन में कैसे हम अपने आप को स्वस्थ व फ़िट रखे, योग के माध्यम से रामप्यारे रघुवंशीय ने बहुत ही उपयोगी जानकारी दी
छठा सत्र काव्य पाठ का था जिसकी अध्यक्षता डी पी मिश्र अतिथी पवन तिवारी, के साथ कविता राजपूत , अलका पाण्डेय ,निरजा ठाकुर भी उपस्थित थे. मंच संचलन एडो . अनिल शर्मा ने एवं कवि ओम प्रकाश पाण्डेय , विजय भटनागर , सेवासदन , रघुवंशीय . लालबहादूर यादव , सुशील शुक्ल ,अभिलाज , कविता राजपूत त्रिलोचन सिंह अरोडा , कुलदीप सिंह दीप अलका पाण्डेय . इंदिरा मिश्रा , कंचन सिंह ,वंदना पाण्डेय . चंदा चक्रवर्ती , कमल पाटील आभा झा , निरजा ठाकुर ,कलावती , गिरजा सिंह , रामावती , मालतीसिंह डी पी मिश्रा आदि ने अपनी सर्व श्रेष्ठ रचनाये प्रस्तुत कर तालियाँ बटोरी, सातवा सत्र – अंताक्षरी व फिल्मी गितो पर नृत्यव मौजमस्ती का रात १ बजे समापन इस कार्यक्रम का आभार अलका पाण्डेय ने किया

द्वितीय दिवसीय सत्र की शुरुवात सुबह सात बचे योगाभ्यास से शुरु हुई रामप्यारे रघुवंशीय ने योग के सरल आसान व प्राणायाम की बारिकियाँ सिखाई उसके लाभ व बिमारी से निदान बताये बहुत ही उपयोगी सत्र रहा फिर हँसने के क्या क्या फ़ायदे है इसपर चंदा जी ने प्रकाश डाला व तरह तरह से सबको हँसाया व हँसने के प्रकार सिखाये हँसते हँसते सत्र समाप्त हुआ

दुसरा सत्र – हिंदी भाषा का बदलता स्वरुप पर चर्चासत्र जिसमे प्रमुख वक्ता पवन तिवारी औरमंच संचालन रघुवंशीय जी ने किया इस समारोह की अध्यक्ष एडो अनिल शर्मा अतिथि वंदना पाण्डेय कंचन रही.

तिसरा सत्र में तेलधानी ,साबुन बनाने का कारख़ाना , मिट्टी के बर्तन बनाना व फरनिर्चर के कारख़ाना , नर्सरी देखनेवके बाद आसपास के मंदिर व दर्शनीय क्षेत्र का दर्शन था. राधा कृष्ण मंदिर शंकर भोले नाथ का मंदिर जो व अक्कल कोट तथा पाताल गंगा के दर्शन किये

इस दो दिन की पिकनिक में आये सभी लोगो का यूसुफ मेहर अली के सेवाधारियो कर्मचारियों व बस डार्यवर व सभी साथियों का आभार मंच की प्रमुख अलका पाण्डेय ने व्यक्त किया

