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सीआरएमएस की धरने की धमकी के बाद जागा रेल प्रशासन, कल्याण मंडल अस्पताल में एक डॉक्टर की नियुक्ति

कल्याण मंडल रेलवे अस्पताल में डॉक्टरों के कमी के साथ मरीजों को मंडल रेलवे अस्पताल प्रशासन से अनेकों शिकायतें थी।

यहां आने वाले मरीजों के साथ सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने भी कल्याण मंडल रेलवे अस्पताल की स्थिति सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किया।

बावजूद इसके रेलवे प्रशासन के कानों में जूं नहीं रेंग रही थी।विवश होकर सीआरएमएस के मंडल अध्यक्ष विवेक सिसोदिया तथा मंडल सचिव अनिल दुबे और राज कुमार के द्वारा 7 जुलाई 2022 को मंडल रेलवे अस्पताल के समक्ष धरने पर बैठने का नोटिस मध्यरेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया।

और इन्ही कारणों से मध्य रेलवे प्रशासन ने अगले ही दिन यानि ८ जुलाई को पूरे मध्य रेलवे मंडल के अस्पतालों के प्रलंबित डाक्टरों के तबादलों को हरी झंडी दिखा दी।

उक्त लिस्ट में कल्याण के मंडल अस्पताल में भायखला में कार्यरत डा. कुमार नाइक डी को यहा तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया गया है।


ज्ञात हो कि सीआरएमएस के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद भटनागर ने स्वयं 6 जून 2022 को मंडल चिकित्सालय कल्याण में विजिट किया था। जिसमें सीआरएमएस के कार्यकर्ताओं, हॉस्पिटल केयर कमेटी मेंबर आदि के द्वारा अनेकों समस्याओं की जानकारी उन्हें दी गई।

डीआरएच कल्याण के सीएमएस, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा चतुर्थ श्रेणी स्टाफ से रूबरू बात कर डां राजेंद्र प्रसाद भटनागर ने संपूर्ण स्थिति का जायजा लिया।

परंतु प्रशासनिक ढीठता के चलते अस्पताल प्रबंधन के तरफ से किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो पाई,

तो, सीआरएमएस मंडल सचिव द्वारा 21 जून 2022 को रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर उपरोक्त समस्याएं, जिनमें प्रमुख तौर पर डॉक्टरों की कमी, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का आए दिन कल्याण अस्पताल से स्थानांतरण, मरीज अधिक है अस्पताल में जगह कम है, अनेकों मशीनें या तो उपलब्ध नहीं है या फिर अस्पताल में आकर पड़ी हैं लेकिन उनको ऑपरेट करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं है,

रेगुलर दवाओं की हमेशा कमी चलती रहती है, अन्य अस्पतालों से इलाज करा कर आए मरीजों को वहां के डॉक्टरों के द्वारा दी जाने वाली दबाएं, यहां अधिकांशतः उपलब्ध नहीं रहतीं।

मरीजों को प्रॉपर पोटेंसी की दवा नहीं दी जाती। वरिष्ठ सेवानिवृत्त रेल कर्मियों को आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ता रहता है। डॉक्टरों के अभाव के चलते मरीज इधर से उधर भटकता रहता है परंतु डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाते।

अच्छा ऑपरेशन थिएटर, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, टीवी वार्ड, स्पेशल रूम, दवाओं के रखने के लिए मेडिकल स्टोर में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।

फिजियो थेरेपी रूम इतना छोटा है कि महिलाओं- पुरुषों में आपस में धक्का-मुक्की होती रहती है।

आदि अनेकों गंभीर समस्याओं के संबंध में पुनः सोए हुए प्रशासन को पत्र लिखा गया। जिसका उत्तर रेल प्रशासन द्वारा इतना गोलमोल दिया गया कि ऐसा प्रतीत होता था कि अस्पताल प्रशासन को ना तो रेल कर्मियों की परवाह है ना ही यूनियन को कुछ समझने को तैयार है।

तो विवश होकर सीआरएमएस के मंडल अध्यक्ष विवेक सिसोदिया तथा मंडल सचिव अनिल दुबे और राज कुमार के द्वारा 7 जुलाई 2022 को धरने की चेतावनी दे दिया गया।

जिससे घबराए मध्य रेलवे एडीआरएम ने आनन-फानन में सीआरएमएस के प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय में बुलाया और उन्हें सीएमएस कल्याण के साथ पुनः वार्ता करने की सलाह दी गई।

इसके साथ एडीआरएम ने सीआरएमएस के प्रतिनिधियों को यह भी समझाया कि यदि वहा फिर भी कुछ बातों पर सहमति नहीं बन पाती है तो पुनः मेरे कार्यालय में आकर मेरे साथ में बैठ कर बात करें।

एडीआरएम के अनुसार सीआरएमएस द्वारा उठाई गई समस्याएं जायज हैं। उनका निराकरण करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इसी सिलसिले में 7 जुलाई को डीआरएच कल्याण के सीएमएस के साथ सीआरएमएस के मंडल सचिव के नेतृत्व में सीआरएमएस प्रतिनिधियों की मीटिंग की गई,

जिसको कि सीएमएस कल्याण के द्वारा बहुत गंभीरता से लिया गया और हर समस्या पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया गया।

इन्ही कारणों से मध्य रेलवे ने अगले ही दिन यानि ८ जुलाई को पूरे मध्य रेलवे मंडल के अस्पतालों के प्रलंबित डाक्टरों के तबादलों को हरी झंडी दिखा दी गईं।

उक्त लिस्ट में कल्याण के मंडल अस्पताल में भायखला में कार्यरत डा. कुमार नाइक डी को यहा तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया गया है।

सीएमएस कल्याण शीघ्र ही सेवानिवृत्त कर्मियों के साथ में एक अलग से मीटिंग कर उनकी समस्या समझकर समाधान निकलने की कोशिश करेंगे ऐसा उन्होंने आश्वासन दिया।

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