महाकुम्भ स्थली प्रयागराज में कश्मीरी हिन्दुओ पर हुए निर्मम अत्याचारों संबंधी चित्रप्रदर्शनी !

प्रयागराज – ‘19 जनवरी’ को कश्मीरी हिन्दू विस्थापन दिन पर प्रयागराज कुम्भ में ‘कश्मीरी हिन्दुओ पर हुए अत्याचार की चित्रप्रदर्शनी’ का शुभारंभ हुआ । इस चित्रप्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगलेजी ने प्रतिपादित किया कि कश्मीर में साडेचार लाख हिन्दुओ का विस्थापन भूकंप अथवा बाढ के कारण नहीं अपितु जिहादी युद्ध के कारण हुआ है । यद्यपि एक भी राजनैतिक दल इस संबंध में चर्चा नहीं करना चाहता । कांग्रेस ने 10 लाख रुपयों का प्रलोभन देकर पुनर्वास का स्वप्न दिखाया; परंतु उसमें सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं था । मोदी सरकार ने भी सत्ता में आनेपर 40 लाख रुपयों का पैकेज देने की घोषणा की । वास्तव में कश्मीरी हिन्दुओ का विस्थापन असुरक्षा एवं मृत्यु के भय से हुआ था । अब शासन कश्मीर घाटी में ‘स्मार्ट सिटी’ बनाकर उस में 50 प्रतिशत हिन्दू एवं 50 प्रतिशत मुसलमानोंको बसाना चाहती है । इसमें भी हिन्दुओ की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है तथा वह अगले पांच वर्षों में ‘हिन्दूविहीन सिटी’ बन जाएगी । इसलिए हिन्दू जनजागृति समिति की मोदी सरकार से मांग है कि ‘कश्मीर में हिन्दुओ को पूर्ण सुरक्षा देकर उनकी घर वापसी करे ।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन स्वामी करपात्री फाउंडेशन के डॉ. गुणप्रकाश चैतन्यजी महाराज, अखंड महायोग के स्वामी अखंडानंद महाराज, दंडीस्वामी लवकुश महाराज, भूमानिकेतन के प्रणवानंदजी महाराज तथा सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगलेजी के करकमलों से किया गया । इस समय डॉ. गुणप्रकाश महाराजजी ने कहा कि कश्मीर यह भारत का शीश है । शीश नही होगा तो मनुष्य जीवित नही बचेगा । उसी प्रकार सें कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है । उसे हम कभी पृथक होने नही देगें । सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस ने कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट किया ।

यह प्रदर्शनी ‘भूमानिकेतन पीठाधीश्वर जगद्गुरु अच्युतानंदतीर्थजी महाराज (हरिद्वार) के संरक्षण में सेक्टर 15 में मुक्ति मार्ग पर शास्त्री सेतु के नीचे स्वामी हंसदेवाचार्यजी महाराजी की पंडाल के निकट लगाई गई है । इस प्रदर्शनी में कश्मीर का हिन्दू इतिहास, कश्मीरी हिन्दुओ का जिहादियों द्वारा किया गया वंशविच्छेद, मंदिरों का विध्वंस, मूर्तिभंजन, कश्मीरी हिन्दू महिलाओ पर हुए बलात्कार, नगरों का इस्लामी नामकरण, विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओ की नरक यातनाएं आदि विषयों पर चित्र एवं जानकारी दी है । इस प्रदर्शनी में बांग्लादेश में हिन्दुओ के हो रहे वंश विच्छेद संबंधी चित्रप्रदर्शनी भी लगाई गई है । अधिक जानकारी हेतु दूरभाष क्रमांक 9324868906 पर संपर्क किया जा सकता है।

