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वर्षो से छठ पूजा, कृत्रिम तालाब में करने का प्रचलन,अब मनसे ने मुंबई में कृत्रिम तालाब में करने की मांग की,

( राजेश सिन्हा )

बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रचलित पवित्र पर्व छठ की आज रविवार सुबह से नहाए खाए के साथ शुरुवात हो गयी,देश के सभी शहरो के साथ महानगर मुंबई में भी इस त्यौहार की धूम देखी जा सकती है,लेकिन मुबई में छठ पर्व आते कुछ राजनैतिक दल भी एक्शन में आ गए है.

इस बार भी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेताओं ने मांग की है कि जिस तरह यहाँ तालाबो में गणेश विसर्जन के लिए प्रतिबंध लग गया है और मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तलाब का उपयोग हो रहा है उसी तरह तालाबो में छठ पूजा करने पर बंदी लगाने की आवश्यकता है उनके अनुसार छठ पूजन के दौरान तालाबो में गन्दगी फेकी जाती है.इन लोगो ने छठ पूजा के लिए भी कृत्रिम तालाब की मांग की है,

ज्ञात हो कि कृत्रिम तालाब का उपयोग छठ पर्व के दौरान वर्षो से हो रहा है.लेकिन या तो अज्ञानता या फिर महानगरो में जगह की कमी के कारण ये प्रयोग बिहार के अलावा कही और कम ही देखा जाता है.लेकिन वर्षो से देश भर के साथ मुंबई में रह रहे बिहार वासी भी अपने घरो के छत पर आँगन में या फिर मैदान में गड्डा कर के कृत्रिम तालाब में छठ पूजा करते रहे है.वे लोग तालाब या नदी या समुद्र में छठ पूजा के लिए जाने से परहेज करते है.

अपने मूल गाव छोड़ कर बिहार के मुख्य शहर पटना मुजफ्फ़रपुर बेगुसराय,मुंगेर,छपरा सीवान,या झारखंड के रांची जमशेदपुर,भागलपुर में रह कर हजारो छठ पूजा करने वाला परिवार आज भी अपने घर में बने कृत्रिम तालाबो में छठ पूजा करते है.जिनके घर में कृत्रिम तालाब की सुबिधा नही है वहि परिवार तालाब में या फिर बहती नदी में छठ पूजा करने जाते है.

मुंबई या उपनगर में अपना घर होना साक्षात भगवान मिलने जैसा है और उसके साथ इतनी खुली जगह मिलना जिसमे कृत्रिम तालाब बनाया जा सके ये असंभव जैसा है मजबूरी बस लोग समुद्र या तालाब के किनारे छठ पूजा करने जाते है. और जहा बात तालाब में गंदगी डालने का आरोप है वहा इतना बताना काफी है की छठ पूजा के दौरान तालाब के घाट की पूजा की जाती है महिलाये इसमें स्नान करती है.कोई इसमें गंदगी नही फेकता है.

 

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