गोलवली के म्ह्सोवा तालाब में मुर्तिया विसर्जन से जहरीले हुए पानी में मर रही है मछलिया,कृत्रिम तालाब ही एकमात्र विकल्प
गणेश विसर्जन तालाबो में विसर्जन के लिए लाये जाने वाली मुर्तियो के रंग रोगन में प्रयुक्त रंग एवं अन्य सामग्री से पूरा तालाब जहरीला हो जाता है. और इन तालाबो की मछलिया मर जाती थी इसके साथ तालाब के पानी से कोई जनहानि न हो इसका ख्याल स्थानीय प्रशासन को रखना पड़ता था इन्ही कारणों से राज्य सरकार के साथ स्थानीय निकाय संस्था (कल्याण डोम्बिवली महानगर पालिका ) ने भी तलाबो में मूर्तियो के विसर्जन के लिए पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है इसके बावजूद कल्याण डोम्बिवली महानगर पालिका क्षेत्र के कुछ तालाब ऐसे भी है जहा धड़ल्ले से मुर्ति विसर्जन जारी है,और यहा मनपा प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है
डोम्बिवली पूर्व के गोलवली गाव के मह्सोबा मंदिर के पास ही मह्सोबा तालाब में पिछले कुछ सालो से स्थानीय लोग मूर्तियों का विसर्जन करते है.तालाब का रख रखाव के साथ इसकी सफाई के लिए कल्याण डोम्बिवली मनपा प्रशासन एक रूपया भी खर्च नही करती है तालाब की साफ़ सफाई,देख रेख की जिम्मेदारी मह्सोबा ट्रस्ट द्वारा किया जाता है .
मह्सोबा ट्रस्ट के सचिव चंद्रकांत पाटिल के अनुसार इस वर्ष भी पहले सैकड़ो गणेश और दुर्गा मुर्तिया इस तालाब में विसर्जित की गई.लेकिन विसर्जन के बाद ही इस तालाब की मछलिया लगातार मर रही है जो अब तक जारी है मह्सोबा ट्रस्ट के सचिव चंद्रकांत पाटिल के अनुसार सरकार कृत्रिम तालाब में मूर्ति विसर्जन को बढ़ाबा दे रही है इसी के तहत अगले वर्ष से यहाँ भी कृत्रिम तालाब का निर्माण किया जायेगा.और उसी तालाब में लोगो को मूर्ति विसर्जन के लिए प्रेरित किया जायेगा.

