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टेलीकॉम कंपनियों से सरकार ने कहा- ग्राहकों की आधार E-KYC वेरिफिकेशन करें बंद

नई दिल्लीः सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को मौजूदा मोबाइल फोन ग्राहकों तथा नए कनेक्शन देने के लिए आधार ई-केवाईसी वेरिफिकेशन बंद करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन को लेकर सरकार ने शुक्रवार को यह निर्देश जारी किया। शीर्ष अदालत ने कानूनी प्रावधान के अभाव में पिछले महीने महत्वपूर्ण फैसले में निजी इकाइयों द्वारा आधार का उपयोग बंद करने को कहा था।

ई-केवाईसी यानी अंगूठा लगाकर बायोमैट्रिक्स देकर अपनी वेरिफिकेशन ऑनलाइन करवाना. पिछले काफ़ी समय से मोबाइल फोन कंपनियां नए ग्राहकों को कनेक्शन देने के लिए इस सेवा का इस्तेमाल कर रही थी. यही नहीं, जब तक सुप्रीम कोर्ट सख्ती नही की थी तब तक पुराने ग्राहकों से भी आधार को उनके मोबाइल नंबर के साथ लिंक कराने की बात कह रही थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अब टेलीकॉम मंत्रालय के निर्देश के बाद साफ हो गया है कि मोबाइल कंपनियां किसी भी सूरत में ग्राहक से आधार नहीं मांग सकती.

दूरसंचार विभाग ने तीन पन्नों के परिपत्र में कहा कि मौजूदा ग्राहकों के सत्यापन के साथ-साथ नया सिम कनेक्शन देने के लिये आधार ई-केवाईसी का उपयोग नहीं किया जा सकता.

हालांकि, विभाग ने कहा है कि अगर ग्राहक नये कनेक्शन के लिये स्वेच्छा से आधार देता तो इसे दस्तावेज के रूप में उपयोग किया जा सकता है. यानी इसका उपयोग आफलाइन किया जा सकता है. दूरसंचार विभाग ने परिपत्र में कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिये सभी लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार कंपनियां सत्यापन के साथ-साथ नया मोबाइल कनेक्शन जारी करने को लेकर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की आधार ई-केवाईसी सेवा का उपयोग बंद करेंगी.’

डिजिटल तथा कागजरहित होगी प्रक्रिया

विभाग ने परिपत्र में कहा, ‘‘कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए सभी लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार कंपनियां वेरिफिकेशन के साथ-साथ नया मोबाइल कनेक्शन जारी करने को लेकर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की आधार ई-केवाईसी सेवा का उपयोग बंद करेंगी।’’ इसमें कहा गया है कि सभी दूरंसचार सेवा प्रदाता समयबद्ध तरीके से इसका अनुपालन सुनिश्चित करेंगी। विभाग के अनुसार उद्योग ने मोबाइल ग्राहकों के लिए वैकल्पिक डिजिटल प्रक्रिया का सुझाव दिया है। इसमें ‘ग्राहक एक्वीजिशन फार्म’ के साथ ग्राहक की ‘लाइव’ तस्वीर तथा पहचान एवं पते के लिए स्कैन कापी का उपयोग होगा। इससे नए मोबाइल ग्राहकों के लिए प्रक्रिया डिजिटल तथा कागजरहित रहेगी। विभाग ने सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से अपनी प्रणाली को इसके लिए तैयार करने तथा प्रस्तावित डिजिटल प्रक्रिया की मंजूरी के लिए पांच नवंबर तक प्रस्ताव देने को कहा है।

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