सुन रहे हैं सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे महोदय , जनता परेशान है !
चार साल तक लगातार सोने वाले और चुनाव नज़दीक आते ही पांचवे साल में जागने वाले कल्याण लोकसभा के शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे से जनता परेशान हो चुकी है। जनता की सबसे बड़ी समस्या यातायात का रोज़ अवरुद्ध होना है। शील फाटा से कल्याण फाटा और बाद में पलावा में घंटों जाम लगा रहता है , इसके बाद कल्याण पूर्व में मेट्रो मॉल से पत्री पुल पर फिर घंटों ट्रैफिक जैम रहता है ,पंद्रह मिनट का सफर तीन घंटों में तब्दील हो जाता है।
मगर सांसद महोदय को सिवाय घोषणा करने के कुछ नहीं आता। बड़े- बड़े होर्डिंग लगाकर कल्याण – शील रोड को छह लेन का बनाने की घोषणा करने वाले सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे को यातायात की समस्या चुनावी वर्ष में ही क्यों दिखाई दी ? यह सवाल जनता पूछ रही है। सिर्फ घोषणा करके सांसद श्रीकांत शिंदे जनता को बरगलाने में लगे हैं।
शील फाटा और पलावा में ट्रैफिक पुल बनाने की बात क्यों नहीं की जाती ? पत्री पुल पर बनाए जाने वाले नए पुल को जल्द बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं , क्या सांसद महोदय बताएंगे ? जनता की तकलीफों को दूर करने का आश्वासन देकर संसद तक पहुँचने वाले श्रीकांत शिंदे मुख्य समस्याओं को हल करने के बजाए ऐसी घोषणाएं कर रहे हैं जिनका निकट भविष्य में पूरा होना असम्भव है।
मगर चुनाव नज़दीक आने की वजह से आश्वासनों का लॉली पॉप दिया जा रहा है। सच तो यह है कि श्रीकांत शिंदे अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं के प्रति चार साल तक अनभिज्ञ ही रहे हैं। अब चुनाव नज़दीक आने के बाद शिंदे साहेब जाग उठे हैं। जनता को आश्वासनों का पिटारा खोल कर दिखा रहे हैं।
बेहद घटिया नियोजन होने की वजह से कल्याण लोकसभा क्षेत्र की समस्याएं दिन ब दिन बढ़तीं जा रही हैं। स्मार्ट सिटी का कहीं नामों निशाँ नहीं है। हरित कल्याण लोकसभा क्षेत्र नदारद है , पेयजल की समस्या जस की तस है , कल्याण – डोम्बिवली रेलवे स्टेशन पर यात्री जान पर खेल कर यात्रा करते हैं मगर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। सिर्फ स्वयंचलित सीढ़ियां लगाकर श्रीकांत शिंदे अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
ऐसे सांसद महोदय से जनता परेशान हो चुकी है। जिसका खामियाजा लोकसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है।

