महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ता हस्तांतरण के बाद हुए उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है पूर्व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सर्वोच्च न्यायालय में केंद्रीय चुनाव आयोग के विरोध में याचिका दाखिल की थी।
जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय देते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्णय पर कोई बदलाव या स्थगन नहीं देने का निर्णय सुनाया है।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने गत शुक्रवार को शिवसेना पार्टी उद्धव ठाकरे की या फिर राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ? इस पर महत्वपूर्ण निर्णय दिया था.
केंद्रीय चुनाव आयोग में तीन चार महीने चले खींचतान के बाद शिवसेना पार्टी और इसके चुनाव चिन्ह धनुष वाण पर राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पक्ष में निर्णय दिया था और तत्कालीन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ठाकरे और उनके समर्थकों को शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह धनुष्य वाण पर कोई दावा नहीं होने का निर्णय दिया था।
उधव ठाकरे गुटने केंद्रीय चुनाव आयोग के इसी निर्णय के विरोध में स्थगन प्राप्त करने के लिए शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका दाखिल की थी ।
आज बुधवार को दोपहर बाद सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की शुरू हुई सुनवाई में माननीय न्यायधीश ने उधव ठाकरे गुटको केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्णय पर स्थगन देने से साफ इंकार कर दिया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पक्ष को भी कुछ निर्देश जारी किए हैं जिसमें ठाकरे गुट के विधायकों को अगले दो हफ्ते तक पार्टी व्हिप नही जारी करने के निर्देश दिए है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद करने का आदेश दिया है
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