रिश्वत लेते टाटा पावर विधुत कार्यालय कर्मी गिरफ्तार,
ठाणे भ्रष्ट्राचार विरोधी दस्ते ने कल्याण पूर्व के टाटा पावर हाउस के पास के महाराष्ट्र राज्य विधुत वितरण कंपनी लिमिटेड कार्यालय में सहायक अधिकारी अशोक वसंत कोकाटे, (उम्र 27 वर्ष) को नया विधुत मीटर देने के नाम पर ४ हजार रूपया रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार किया है.सोमवार शाम ४ बजे दस्ते द्वारा की गयी इस कारवाई से एक बार फिर राज्य सरकार द्वारा विधुत विभाग का निजीकरण किये जाने के बावजूद विभाग में भ्रष्ट्राचार खत्म नही होने की सच्चाई सामने आ गयी
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल्याण पूर्व के पिस्वली गाव में बन रहे चाल में नया विधुत मीटर देने के लिए ४ हजार रुपये रिश्वत की मांग की.इस बात की शिकायत चाल निर्माता ने ठाणे भ्रष्ट्राचार विरोधी दस्ते से कर दी थी.और सोमवार को की गयी मोर्चाबंदी में दस्ते ने विभाग के सहायक अधिकारी अशोक वसंत कोकाटे, को गिरफ्तार कर लिया.
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र राज्य विधुत महामंडल से महावितरण कम्पनी बनाए जाने के बाद से विधुत उपभोक्ताओ की शिकायते बढ़ गयी है. विधुत महामंडल में जहा उपभोक्ताओ की सुनी जाती थी वाही उनकी समस्याओं का निराकरण भी होता था,यहाँ महावितरण कम्पनी बनाए जाने के बाद से विधुत खंडित होने पर,विधुत बिल ज्यादा आने जैसी समस्याओं पर बिना रिश्वत दिए ना फिर से विधुत लाइन मम्मट होता है ना ज्यादा बिल कम करने के लिए कोई अधिकारी सहयोग करता है.इसके साथ अगर बिल भरने में एक दिन की भी देरी होती है तो विधुत आपूर्ति खंडित करने में अधिकारी एक घंटे की भी देरी नहीं करते.
महावितरण कम्पनी कर्मियों का भ्रष्ट्राचार ही है की यहाँ निर्माणाधीन ८० – ९० प्रतिशत निरामनाधीन इमारत अवैध है.लेकिन महावितरण कम्पनी भ्रष्ट्राचार के तहत इन इमारतो की कागज पत्र की जाँच किये बगैर इन्हें विधुत कनेक्शन दे देते है.और दलील ये दी जाती है की सरकार ने इन्हें विधुत आपूर्ति करने की मंजूरी पात्र हमें दिया है.
Sources – ABI News

