विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद सरकार बनाने के लिए जहां पहले भाजपा पूरी तरह से आक्रमक थी और राज्य सत्ता में सहयोगी शिवसेना के मांगों को नजरअंदाज कर रही थी एक तरह से कहा जाए तो भाजपा शुरुआत में शिवसेना को भाव देने के मूड में नहीं थे लेकिन अब पाशा पूरी तरह से पलट गया है राज्य के भाजपा नेतागण शिवसेना के सामने लगातार प्रस्ताव पेश कर रहे हैं वहीं अब शिवसेना नेतृत्व भाजपाइयों को भाव देने के मूड में नहीं दिख रही है
ज्ञात हो कि आज ही भाजपा नेता सुधीर मुन्गंटीवार ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में शिवसेना के तरफ से राज्य में सरकार वनाने सम्बन्धी कोई प्रस्ताव नही आने की बात कही. उनके अनुसार शिवसेना का जो भी प्रस्ताव है वो हमें भेजे उसपर विचार कर निर्णय लिया जाएगा.
इसपर शिवसेना सांसद और इन दिनों सर्वाधिक चर्चित शिवसेना नेता संजय राउत ने सुधीर मुन्गंटीवार के इस वयान को नौटंकी मानते हुए यह साफ कर दिया है भाजपाइयों से अब कोई बात नहीं होगी, उन्हें जो भी कहना है और जो भी प्रस्ताव है वह लिखित रूप से दे, भले ही भाजपा शिवसेना को अगले ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पद देने के लिए भी तैयार है लेकिन शिवसेना नेतृत्व जब तक भाजपा के तरफ से लिखित आश्वासन नहीं पाता है भाजपा के साथ सरकार बनाने का प्रश्न ही नहीं उठता है
इसमें कोई दो राय नही की राज्य विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा नेतृत्व राज्य सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत नही होने के बावजूद लगातार राज्य में भाजपा द्वारा ही सरकार बनाने का दावा क्र रही थी. और मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविस भी रोज उनके ही अगले ५ साल तक फिर मुख्यमंत्री बनने की बात लगातार मीडिया में प्रचारित किया.
भाजपा नेतृत्व तो ६ नबम्बर को वानखेड़े स्टेडियम में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविस के शपथ विधि करवाने और ७ तारीख तक सरकार नही बनने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगवाने की चेतावनी का भी शगूफा छोड़ा. लेकिन शिवसेना नेताओं ने ना तो अपनी आक्रमकता छोड़ी. नाही भाजपा के समक्ष झुका और अब स्थितिया विलकुल विपरीत हो गयी है.
अव भाजपाई शिवसेना के प्रति नर्म रुख अपना कर बातचीत करने को आमंत्रित कर रहे है वही शिवसेना भाजपाइयो से बिना लिखित प्रस्ताव के कोई भी बात आगे करने के मुड में नही दिख रही.
हिंदू जनजागृति समिति और सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने संसद मार्ग थाने में दर्ज कराई…
टिटवाला: सामाजिक सरोकारों में हमेशा अग्रणी रहने वाली संस्था 'अग्रवाल समाज कल्याण' ने एक बार…
कल्याण: 'ज्ञान, शील, एकता' के मूल मंत्र के साथ पिछले ७८ से अधिक वर्षों से…
कल्याण: महाराष्ट्र के कल्याण में एक प्रतिष्ठित कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत युवती से…
टिटवाला (ठाणे): "सेवा ही हमारा धर्म है" के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए अग्रवाल…
कर्नाटक के बेलगावी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार…