मुंबई, दि. 10
यह तकनीक स्वर्गीय मदनदास देवी द्वारा विकसित की गई थी ताकि किसी व्यक्ति के जाने से संगठन पर कोई प्रभाव न पड़े और अगला कार्यकर्ता उस व्यक्ति का स्थान ले ले। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी सदस्य सुरेश सोनी ने यहां कहा कि भावनाओं और विवेक का संतुलन उनकी विशेषता है जो प्रेरणादायक है।
सोनी दादर के राजा शिवाजी विद्यालय के बीएन वैद्य हॉल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वरिष्ठ कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री मदनदास देवी की श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे।
मदनदास देवी का लक्ष्य केवल संगठन को राष्ट्रव्यापी बनाना ही नहीं, उसे सशक्त बनाना भी था। सोनी ने यह भी कहा कि उनमें संगठन को विकसित करने की विशेष क्षमता है।
इस श्रद्धांजलि सभा में अरुण करमरकर, निर्मला आप्टे, सतीश कुलकर्णी, रवि एरांडे, गीता गुंडे, संजय पाचपोर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेडकर आदि ने भाषण दिये।
वक्ताओं ने देवी की स्मृतियों को याद करते हुए उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक का संचालन विलास भागवत ने किया। इस मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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