दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना का निधन, लंबे समय से थे बीमार
नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को यहां निधन हो गया. वह 82 वर्ष के थे. उनके परिवार ने यह जानकारी दी है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता मदन लाल खुराना की मौत की खबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद आहत हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘मदन लाल खुराना जी दिल्ली में बीजेपी को मजबूत करने के लिए आपको हमेशा याद किया जाएगा. आपने देश बंटवारे के बाद दिल्ली आए रिफ्यूजी की आपने बेहद सेवा की. मैं आपके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं.’
Shri Madan Lal Khurana Ji will always be remembered for the manner in which he strengthened the BJP in Delhi. He made unwavering efforts towards serving the post-partition refugees in Delhi. My thoughts and solidarity with his family and supporters.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 28, 2018
मदन लाल खुराना साल 1993 से 1996 के बीच तीन साल के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री थे। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पूर्व सीएम मदन लाल ने 1996 में विवादों में आने के बाद इस्तीफा दे दिया था। उनका नाम हवाला कांड में सामने आया था। साल 2004 में वह 10 महीने के लिए राजस्थान के गवर्नर भी रहे थे।
बचपन में शरणार्थी के तौर पर दिल्ली आने वाले मदन लाल खुराना कभी दिल्ली में जनसंघ और भाजपा के प्रमुख नेता हुआ करते थे। उनकी अगुवाई में 1993 में दिल्ली में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की थी और वे मुख्यमंत्री बने थे।
Anguished by the passing away of Shri Madan Lal Khurana Ji. He worked tirelessly for the progress of Delhi, particularly towards ensuring better infrastructure. He distinguished himself as a hardworking and people-friendly administrator, both in the Delhi government and Centre.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 28, 2018
फैसलाबाद में जन्म
15 अक्तूबर 1936 को मदनलाल खुराना का जन्म फैसलाबाद ( लायलपुर) पाकिस्तान में हुआ था।
1947 में 12 साल की उम्र में शराणार्थी के तौर पर वे भारत विभाजन पर दिल्ली पहुंचे।
1959 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के महासचिव चुने गए।
1965 से 1967 तक वे जनसंघ के महासचिव रहे। वे दिल्ली में केदारनाथ सहनी और विजय कुमार मल्होत्रा के साथ जनसंघ के प्रमुख नेताओं में शुमार रहे।
दिल्ली का शेर
1984 के बाद उन्होंने दिल्ली में भाजपा को मजबूत करने के लिए काफी सक्रियता से काम किया। एक समय में उन्हें दिल्ली का शेर कहा जाने लगा था। खुराना के नेतृत्व में दिल्ली में भाजपा ने 1993 में जीत हासिल की।
02 दिसंबर 1993 से 26 फरवरी 1996 तक मदनलाल खुराना दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे।
14 जनवरी 2004 से अक्तूबर 2004 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे।
2004 में राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद खुराना एक बार फिर दिल्ली की सक्रिय राजनीति में लौटना चाहते थे। पर ऐसा नहीं हो सका।
पार्टी से निलंबन
2005 में मदनलाल खुराना को पार्टी से निलंबित किया गया। बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की भी सिफारिश की गई।
2009 में 15 मार्च को एक बार फिर उनकी भाजपा में वापसी हो गई। पर इसके बाद खराब सेहत के कारण पहले की तरह सक्रिय नहीं हो सके।
दिल्ली को रफ्तार देने में उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है। वर्ष 2002 में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली मेट्रो को हरी झंडी दिखाई थी, उस समय मदनलाल खुराना दिल्ली मेट्रो रेल निगम के अध्यक्ष थे। उन्होंने मेट्रो को लेकर दिल्ली, केंद्र सरकार और मेट्रो निगम के बीच आपसी समन्वय बनाए रखने की बात पर जोर दिया था।
मदनलाल खुराना को ब्रेन हेमरेज के कारण गंगाराम अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। गंभीर अवस्था में उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। उन्हें तब उनको जीवन रक्षक उपकरण के सहारे अस्पताल के आइसीयू में रखा गया था। मदन लाल खुराना को 2011 में भी ब्रेन हेमरेज हुआ था। तब उनके मस्तिष्क के बाएं हिस्से में रक्तस्राव हुआ था। इस बार दिमाग के दाएं हिस्से में रक्तस्राव हुआ था।

