जिला केंद्र मानकर विकास योजनाएं क्रियान्वित की जाएं- उपमुख्यमंत्री अजित पवार
मुंबई दि . 23
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आज यहां कहा कि अगर 2028 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य हासिल करना है, तो मुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे, पालघर जिलों को व्यापक रूप से विकसित करना होगा।
उपमुख्यमंत्री पवार ने आज मंत्रालय में महाराष्ट्र आर्थिक सलाहकार परिषद के संबंध में बैठक की और परिषद द्वारा तैयार की गई विकास योजना की समीक्षा की। उस समय उपमुख्यमंत्री पवार बोल रहे थे।
मुख्य सचिव मनोज सौनिक, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डाॅ. नितिन करीर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (व्यय) ओ.पी. गुप्ता, ‘मित्र’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी (प्रसारण के माध्यम से), कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुप कुमार, उपमुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आशीष शर्मा इस अवसर पर योजना विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ विजय, कौशल विकास आयुक्त दीपेंद्र सिंह कुशवाह सहित अन्य उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि, कृषि से संबंधित उद्योग, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, संचार, आवास, मध्यम और लघु उद्योग, कौशल विकास, उत्पादन, सेवा आदि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में परिचालन का विस्तार करके विकास के नए अवसर पैदा करने होंगे।
अगले पांच साल में राज्य की विकास दर को बढ़ाने की जरूरत है. इसके लिए राज्य में महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा किया जाना चाहिए। अत्यावश्यक और प्राथमिकता वाले मामलों को तुरंत निपटाने के लिए एक निश्चित योजना तैयार की जानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि मुख्य सचिव संबंधित विभागों के सचिवों के साथ एक सप्ताह के भीतर बैठक कर उपाय सुझायें।

