महाराष्ट्र में सरकार बनने में देरी, अमित शाह पर उठने लगी है उंगली
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित हुए 14 दिन पूरे हो गए हैं बावजूद इसके यहां किसी दल ने सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के पास पेश किया है. चुनाव पूर्व राज्य में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना गठबंधन होने के बावजूद, और चुनाव परिणाम में भाजपा और शिवसेना मिलकर सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्याबल होने के बावजूद, सत्ता स्थापन के लिए भाजपा नेतृत्व नाकाम साबित हुई है. ऐसे में अब विपक्षी दल भाजपा नेतृत्व के कार्यकुशलता पर ही सवाल उठाने लगे हैं
राकपा प्रमुख का शिवसेना को नह्कार, कहा जनादेश का पालन करे युति के दल.
राज्य विधानसभा चुनाव में जहां भाजपा को 105 सीट मिली वही उसके सहयोगी दल शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं और दोनों को मिलाकरकुल १६१ संख्याबल, राज्य में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 145 की संख्या से अधिक है लेकिन चुनाव परिणाम आने से लेकर अब तक दोनों भाजपा और शिवसेना नेतृत्व लगातार अपनी डफली अपना राग अलाप रहे हैं
अब शिवसेना भाजपाइयो को भाव देने के मुड में नही
भाजपा के तरफ से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले दिन से अपने आपके ही मुख्यमंत्री बनने की दावेदारी कर रहे हैं वहीं शिवसेना की तरफ से मोर्चा संभाले हुए सांसद संजय रावत भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पहले ढाई साल मुख्यमंत्री शिवसेना का होने की दावेदारी पेश कर रहे हैं
आज राज्य के चुनाव परिणाम घोषित होकर 14 दिन बीत गए हैं लेकिन स्थितियां बिल्कुल वैसी ही है जैसी पहले दिन थी. यानी कि भाजपा शिवसेना दोनों ही में सहमति नहीं बन पाई है ऐसे में विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार भी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं
राकांपा प्रमुख शरद पवार के अनुसार भाजपा केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह जानबूझकर महाराष्ट्र में सरकार गठित होने में देरी कर रहे है उनके अनुसार अमित शाह को गोवा के साथ देश के अन्य राज्यों में बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा की सरकार बनाने की महारत हासिल है वही यहां महाराष्ट्र में चुनाव पूर्व गठबंधन होने और चुनाव परिणाम में भाजपा शिवसेना गठबंधन को आवश्यक बहुमत मिलने के बावजूद सरकार स्थापना में देरी भाजपा नेतृत्व पर अनेक तरह के प्रश्न निर्माण कर रहा है

