रेलवे अधिकारियों का टार्गेट पूरा करने बाबत विवादास्पद आदेश – टिकट जांच कर्मचारी भ्रमित
विगत दिनो मध्य रेलवे के आला अफसरो ने अपनी ज्यादा सूझबूझ का परिचय देते हुये एक विवादास्पद आदेश निकाल कर मुंबई मंडल के टिकट जांच कर्मचारीयों को भ्रम में डाल दिया उनके आदेश अनुसार कई गाड़ियो में भुसावल मंडल के ओपन डिटेल जांच कर्मचारी पूना /मुंबई से खंडवा/भुसावल तक कार्य करेगे।
अब सवाल यह है कि यदि प्रशासन द्वारा यह नई नियुक्ति सभी आरक्षित कोचो में की गई है जिससे आरक्षित कोच में निर्धारित संख्या से ज्यादा लोग यात्रा ना कर सके, अनाधिकृत सामान बेचने वाले प्रवेश ना कर सके मतलब यात्रियो को सुविधा देने के लिये किया गया है तो ठीक है, और यदि चालू टिकट लेकर आरक्षित डिब्बे में सफर करने वाले यात्रियो से दंड स्वरूप राशी वसूलने के लिये किया है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है, जिसको लेके मुंबई मंडल के टिकट जांच कर्मचारियो में असंतोष की भावना फैली हुई है।
उनको लग रहा है इतना अच्छा कार्य करने के बावजूद भी उनके क्षेत्र में कोई दूसरा आदमी कार्य करेगा वह सहन नही कर पायेगा, जिसका नुकसान रेल प्रशासन को उठाना पड़ेगा, रेल प्रशासन को चाहिये की वह ऐसा नियम लागू करें की जिस मंडल में कर्मचारी कार्यरत है वह उसी ही मंडल के कार्य क्षेत्र में कार्य करें जैसे मुंबई मंडल के कर्मचारी मंडल के क्षेत्र पूना ओर इगतपुरी तक ही कार्य करें, जिससे प्रत्येक कोच में कर्मचारी यात्रियो को सेवाये दे पायेंगे, उनका स्वास्थ ठीक रहेगा एवं सामाजिक स्तर में भी वृद्धि होगी, एवं रेल यात्री को भी यात्रा के दौरान आवांछित तत्वो से होने वाली परेशानियो से छुटकारा मिल सकेगा।

