मुंबई, दि. 16
मध्य रेलवे गैर-पारंपरिक ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है और 2,694 किमी खाली और अप्रयुक्त भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं बनाई जा रही हैं। इस परियोजना में उत्पन्न सौर ऊर्जा का उपयोग रेलवे क्षेत्र में बिजली की रोशनी, पंखे और अन्य छोटे उपकरणों के लिए किया जाएगा।
मध्य रेलवे ने 2030 तक ‘शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जक’ बनने का लक्ष्य रखा है। इसलिए डीजल लोको इंजनों को कम करके इलेक्ट्रिक लोको इंजनों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। मध्य रेलवे के पांच मंडलों में रेलवे स्टेशनों, रेलवे कार्यशालाओं में बिजली की खपत की लागत को कम करने के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं।
मध्य रेलवे ने 81 स्थानों पर एक मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र विकसित करने का ठेका दिया है और इस परियोजना से रेलवे की सौर ऊर्जा क्षमता में और वृद्धि होगी।
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