मध्य रेलवे के महिला लोकल डिब्बे में पुलिस नही, सीसीटीबी बंद, लुटी जा रही है महिलाये
रेलवे मंत्रालय के साथ रेलवे प्रशासन महिलाओं के रेलवे में यात्रा के दौरान सुरक्षा के कितने भी दावे करें लेकिन रोज मुंबई के लोकल में यात्रा करने के दौरान महिलाओं से छेड़खानी और छीना झपटी की घटनाएं हो रही है और आश्चर्यजनक रूप से इन घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई के करने की बजाएं रेलवे पुलिस और आरपीएफ कार्रवाई में लगातार टालमटोल करता है
ताजी घटना मध्य रेलवे के ठाकुर्ली से कल्याण रेलवे स्टेशन के बीच घटी है अमरनाथ के डोंबिवली नागरी सहकारी बैंक में कार्यरत महिला स्मिता चौधरी सुबह 8:13 की ठाकुर्ली से अमरनाथ की तरफ जाने वाली लोकल में चढ़ी थी. महिला के अनुसार सुबह का समय होने के बावजूद लोकल में कोई भी महिला या पुलिस पुरुष नहीं था लोकल के महिला डिब्बे में एक १५ – १६ साल का लड़का भी अवैध रूप से यात्रा कर रहा था
यात्री महिला चौधरी के हाथ में सैमसंग कंपनी का 26000 कीमत का मोबाइल था. कल्याण स्टेशन आने के पहले अक्सर ट्रेन स्टेशन के पहले सिग्नल पर रूकती है. कल्याण के सर्वोदय मॉल के पीछे की तरफ यह लोकल भी कुछ देर के लिए रुकी थी. इसी दौरान वह लड़का महिला के हाथ से जबरदस्ती छीना झपटी करके मोबाइल छीन लिया और डब्बे से नीचे कूदकर सर्वोदय मॉल के रास्ते से बाहर निकल गया.
सुबह सुबह हुई इस घटना पर भुक्तभोगी महिला कल्याण के लोहमार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करने गई. जहां उपस्थित पुलिस कर्मियों ने एक घंटे तक बिठा के रखा और अंत में भुक्तभोगी महिला के एक सहकर्मी द्वारा जीआरपी के ही अपने परिचित वरिष्ठ अधिकारी को फोन के बाद कल्याण लोहमार्ग पुलिस ने उक्त महिला की शिकायत दर्ज की.
इस घटना से रेलवे की एक और लापरवाही उजागर हुई है एक तरफ जहां महिलाओं में रेलवे के महिला या पुरुष पुलिस के होने की आवश्यकता होती है वही हर महिला डब्बे में रेलवे प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरा बिठा रखा है
लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इस डब्बे का भी कैमरा बंद होने की बात कल्याण आरपीएफ ने स्वीकार करते हुए भुक्तभोगी महिला से ही आरोपी का सविस्तार हुलिया बयान करने को कहा है इस घटना से रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही साफ नजर आ रही है इसके साथ कल्याण के अनेक यात्री संगठनों द्वारा इस मामले में दोषी रेलवे के पुलिसकर्मी और सीसीटीवी बंद होने के लिए दोषी रेलवे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है

