मुंबई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद की सुनवाई अगले साल तक टाललने के बाद देशभर में इस मामले को लेकर सियासी घमासान जारी है। राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद राम मंदिर के लिए सरकार से अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में राम मंदिर मुद्दे पर चर्चा हुई। संघ के मंदिर निर्माण पर सख्त रुख को देखते हुए इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से महाराष्ट्र के भायंदर में मुलाकात की. भायंदर में संघ की तीन दिवसीय बैठक चल रही है. शाह रात करीब दो बजे मुंबई पहुंचे और सीधे भायंदर में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी गए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी.
संघ मंदिर निर्माण को लेकर सख्त रुख अख्तियार किए हुए है। इसी वजह से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। शाह और भागवत के बीच विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। आरएसएस ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के शीघ्र निर्माण के लिए अध्यादेश लाने या फिर कानून बनाने की अपनी मांग को दोबारा दोहराया था। दोनों के बीच बंद दरवाजों में यह बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो मुलाकात में राम मंदिर और सबरीमाला पर बातचीत हुई। दोनों के बीच एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के शीर्घ निर्माण के लिए अध्यादेश लाने या कानून बनाने की अपनी मांग को दोहराया था. आरएसएस के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य ने कहा था कि राम मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय गौरव का विषय है और अभी तक अयोध्या विवाद का हल अदालतों में नहीं निकला है.
डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा था कि अब सरकार को चाहिए कि राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण कर काम शुरू किया जाए और राष्ट्र के गौरव को बहाल करना चाहिए. वैद्य की यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल के मद्देनजर आई है जिसका उद्घाटन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने किया था.
पिछले दिनों संघ ने कहा था कि सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करनी चाहिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में कानून बनने की जरूरत है ताकि अयोध्या में जल्दी से जल्दी राम मंदिर का निर्माण हो सके। बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने बीते सोमवार को कहा था कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले में दायर दीवानी अपीलों को जनवरी, 2019 में एक उचित पीठ के सामने सूचीबद्ध किया जाएगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने यह बात कही।
उल्लेखनीय है कि संघ प्रमुख ने विजयदशमी से एक दिन पहले अपने संबोधन में अयोध्या में मंदिर निर्माण का फिर से आह्वान किया था। उन्होंने सरकार से यह भी कहा कि जरूरत हो तो इसके लिए कानून लाया जाए। उधर, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी इस मुद्दे को लेकर खुलकर बयान दे रहे हैं।
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